असम: CM ने आबादी कंट्रोल करने को कहा तो भड़क गए AIUDF विधायक रफीकुल इस्लाम, कहा- उनके खुद 6-7 भाई-बहन

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गरीबी दूर करने के लिए अल्पसंख्यकों से आबादी कंट्रोल करने को कहा था। सीएम ने समुदाय के प्रतिनिधियों से इस दिशा में परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता फैलाने की अपील भी की थी। लेकिन, AIUDF के नेताओं को उनका यह बयान रास नहीं आया है। AIUDF के विधायक रफीकुल इस्लाम ने सीएम पर निशाना साधते हुए व्यक्तिगत टिप्पणी की है।

AIUDF विधायक हफीज रफीकुल इस्लाम ने कहा है कि सिर्फ एक आबादी ज्यादा बच्चे पैदा नहीं करती। मुख्यमंत्री के बयान पर उन्होंने कहा, “यह कहने के बजाय कि एक विशेष समुदाय के अधिक बच्चे हैं, मुख्यमंत्री को इसे (आबादी) नियंत्रित करने और इसके कारण खोजने पर काम करना चाहिए। उनके खुद के 6-7 भाई-बहन हैं और स्पीकर के भी मैंने सुना है 8 भाई-बहन हैं।”

रफीकुल आगे कहते हैं, “यह सिर्फ एक जनजाति नहीं है (बच्चों की बढ़ती आबादी के साथ), मैं कई भाई-बहन होने की बात नहीं कर रहा हूँ। सीएम को लोगों को ज्यादा बच्चे न पैदा करने के बारे में शिक्षित करना चाहिए। लेकिन यह भाजपा सरकार एक विशेष वर्ग के लिए काम करती है और दूसरों की उपेक्षा करती है।”

उल्लेखनीय है कि रफीकुल इस्लाम के अलावा AIUDF के मुखिया बदरुद्दीन अजमल भी जनसंख्या कंट्रोल पर अजीबोगरीब बात कर चुके हैं। 2021 विधानसभा चुनावों के दौरान जब उनसे पूछा गया था कि गरीबों को उनके मनोरंजन के लिए क्या दिया गया है? उन्होंने कहा कि इन गरीबों के पास देखने के लिए टेलीविजन नहीं है, रहने के लिए घर नहीं है और हवा के लिए पंखा नहीं है। अजमल ने ‘लल्लनटॉप’ से बात करते हुए कहा था, “करंट नहीं है। बिजली नहीं है। अब इंसान हैं वो भी। गरीब जब रात को उठेगा। मियाँ-बीवी हैं। दोनों जवान हैं। तो फिर रात को क्या करेंगे? वो बच्चे ही तो पैदा करेंगे।”

CM ने क्या कहा था

बता दें कि बतौर मुख्यमंत्री 30 दिन पूरे होने पर गुरुवार (10 जून 2021) को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गरीबी कम करने के लिए अल्पसंख्यक समुदाय से आबादी कंट्रोल करने को कहा था। सरमा ने अल्पसंख्यक समुदाय से अपील करते हुए कहा कि वे जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन की नीति अपनाएँ। उन्होंने कहा कि गरीबी का मुख्य कारण लगातार आबादी बढ़ना है। लिहाजा समुदाय के सभी प्रतिनिधियों को आगे आकर इस दिशा में सरकार का समर्थन करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “सरकार गरीबों की सुरक्षा और उनके लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन सरकार को भी जनसंख्या वृद्धि से निपटने के लिए अल्पसंख्यकों का पूरा सहयोग चाहिए क्योंकि इसी के कारण गरीबी और अशिक्षा की समस्या उत्पन्न हुई है। इसके पीछे एक ही कारण है, फैमिली प्लानिंग की कमी।” सरमा ने यह भी कहा था कि उनकी सरकार अल्पसंख्यकों महिलाओं को शिक्षित करने का भी काम करेगी जिससे समस्याओं का हल प्रभावी तरीके से निकाला जा सके। अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों से कहा है कि वे जनसंख्या नियंत्रण के मामले में अपने लोगों को जागरूक करने का कार्य करें।

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