अस्पताल का बेड, जंजीरों में कैद मुजरिम: जिसे बता रहे स्टेन स्वामी, जानें उस तस्वीर का सच

उत्तर प्रदेश के एटा स्थित जिला अस्पताल में इलाज करा रहे एक मुजरिम की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। तस्वीर में दिख रहे शख्स के स्टेन स्वामी होने का दावा किया जा रहा है। भीमा कोरेगाँव मामले में आरोपित स्वामी की 5 जुलाई 2021 को मौत हो गई थी। इस तस्वीर के जरिए यह दावा किया जा रहा है कि स्टेन स्वामी के साथ हिरासत में अमानवीय व्यवहार किया गया था।

फेक न्यूज फैलाई जा रही है

इस इमेज को शेयर कर लोग सवाल कर रहे हैं कि स्टेन स्वामी का मानवाधिकार कहाँ है?

साभार: ट्विटर

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर में देखा जा सकता है कि अस्पताल में बेड पर बैठे व्यक्ति के पैरों में लोहे की मोटी जंजीर बँधी है।

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स्टेन स्वामी की नहीं है तस्वीर

सोशल मीडिया पर लोग जिसे स्टेन स्वामी की तस्वीर समझ कमेंट कर रहे हैं, वो दरअसलसजायाफ्ता हत्यारा बाबूराम बलवान सिंह है। टाइम्स ऑफ इंडिया की 14 मई 2021 की रिपोर्ट में इसकी एक एडिटेड इमेज प्रकाशित की गई थी, जिसमें एक बूढ़े व्यक्ति को चेन में बँधा देख सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद सरकार ने जाँच के आदेश दिए और महानिदेशक (जेल) आनंद कुमार को सस्पेंड कर दिया गया।

साभार: टाइम्स ऑफ इंडिया

जेलर कुलदीप सिंह भदौरिया ने कहा, “बूढ़े व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ के कारण 4 जुलाई 2021 को पहले एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से उसे अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया। हालाँकि, अलीगढ़ में बेड खाली नहीं होने कारण वापस एटा लाकर जिला अस्पताल के नॉन कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया। हालाँकि, वृद्ध को बेड से क्यों बाँधा गया इस मामले की जाँच अभी की जा रही है।”

वहीं एटा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ उमेश त्रिपाठी ने कहा, “कैदी के फेफड़ों में संक्रमण हुआ है, जिसका इलाज किया जा रहा है। पूरे मामले की जानकारी मुझे सोशल मीडिया के जरिए पता चला है। शुरुआती जाँच में सामने आया है कि कैदी को जेल कर्मियों ने बेड से बाँध दिया था।”

तस्वीरों में दिख रहा व्यक्ति बाबूराम बलराम सिंह है (साभार: ट्विटर)

एटा जिले के कुल्ला हबीबपुर गाँव के रहने वाले बाबूराम बलवान सिंह को इसी साल हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया है कि तस्वीरों में दिख रहा शख्स बाबूराम बलवान सिंह है, न कि स्टेन स्वामी।

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में जेल वार्डन पर एक्शन लेते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया है।

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दिल के दौरे से मौत

फादर स्टेन स्वामी पर भीमा कोरेगाँव में हुई हिंसा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने में संलिप्तता का आरोप था। भीमा कोरेगाँव मामले में एनआईए ने उन पर आतंकवाद निरोधक क़ानून (यूएपीए) की धाराएँ भी लगाई गई थीं। उनके वकील ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि 3 जून की सुबह 4:30 बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा और बाद में उनकी मौत हो गई। वकील ने कोर्ट से मामले की न्यायिक जाँच की माँग की।

इससे पहले खबर आई थी कि रविवार रात तक, 84 वर्षीय फादर स्टेन स्वामी जीवन रक्षक प्रणाली पर थे। 28 मई से उनका इलाज होली फैमिली हॉस्पिटल में चल रहा था। 84 वर्षीय स्वामी पार्किंसंस रोग सहित कई बीमारियों से पीड़ित थे। वह पिछले साल कोविड से भी संक्रमित हुए थे।

Updated: January 1, 2022 — 11:28 pm

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