आज कृषि कानूनों की प्रतियां जलाएंगे किसान

ख़बर सुनें

पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे धरने में रविवार को किसान होलिका दहन में कृषि कानूनों की प्रतियां जलाएंगे। इस दौरान केंद्र सरकार के तीनों कानूनों का विरोध जताया जाएगा। वहीं एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने की मांग की जाएगी। दूसरी ओर शनिवार को गांव औरंगाबाद से आई चौपाई पार्टी ने अपनी प्रस्तुति देते हुए सरकार पर जमकर कटाक्ष किए।
किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में अटोहां चौक पर आयोजित धरने में मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि पलवल के संयुक्त किसान मोर्चा के सभी आह्वान को पूरा किया गया है। पूरे जोश के साथ भारत बंद में भी सभी ने अपनी भूमिका निभाई है। इसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि किसान अब आर-पार की लड़ाई का मन बना चुके हैं। वे अब किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाले नहीं हैं। काम के समय में भी सब लोग आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। आंदोलन की अगली कड़ी में रविवार को धरना स्थल पर होली का पर्व मनाया जाएगा। होलिका दहन के साथ ही कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के हित के लिए काम कर रही है। किसानों का हक छीनकर कारोबारियों को देना चाहती है। यदि कृषि कानूनों की वापसी नहीं हुई तो आने वाली पीढ़ियों के लिए खाने के लाले पड़ जाएगा। उन्होंने सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने व एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने की अपील की। धरने की अध्यक्षता हीरालाल मीसा व संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। इस मौके पर सोहनपाल प्रधान, राजकुमार ओलिहान, पं. किशन चंद शर्मा, ज्ञान सिंह चौहान, भागीरथ बेनीवाल, ऋषिपाल, राहुल तंवर, धर्मचंद घुघेरा, ताराचंद आदि मौजूद रहे।
कलाकारों ने पेश किए खेती- किसानी व आंदोलन के गीत
शनिवार को धरना स्थल पर तुकिया महेंद्र की पार्टी ने चौपाई की प्रस्तुति दी। उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर कटाक्ष किए। वहीं खेती-किसानी से लेकर आंदोलन में हुई गतिविधियों को पेश किया।
किसानों को लगाए गए कोरोना से बचाव के टीके
जिला रेडक्रॉस सोसाइटी एवं जिला पलवल केमिस्ट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में धरनास्थल पर 127 किसानों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई। इस मौके पर रेडक्रॉस सोसाइटी के जिला प्रशिक्षण अधिकारी महेश मलिक, केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान डॉ. विनोद जिंदल, अंकित सौरोत, राजेश कुमार आदि मौजूद रहे।
राजमार्ग जाम करने पर 500 लोगों के खिलाफ केस
पलवल। किसान आंदोलन के दौरान शुक्रवार को एनएच-19 जाम करने के आरोप में सदर थाना पुलिस ने 14 नामजद सहित 500 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी आनंद कुमार के अनुसार एनएच-19 पर गांव अंटोहा मोड़ के समीप किसान धरना स्थल पर बैठे हुए हैं। 26 मार्च को दोपहर करीब 12 बजे सैकड़ों लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों में आए और हाईवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान काफी वाहन जाम में फंसे रहे। आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामान करना पड़ा। वहीं एंबुलेंस व आर्मी की गाड़ियों भी फंसी रहीं। आरोप है कि एंबुलेंस चालक के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। पुलिस ने गांव औंरगाबाद निवासी समुद्र, महेंद्र, जयराम, होशियार, मेघसिंह, हरी, सुमेर, बुद्धी, शिवराम, नत्थी, अतर सिंह, रतन सिंह, रामबीर, गांव जनौली निवासी छोटा पहलवान सहित अन्य के खिलाफ केसद दर्ज किया है। संवाद
किसानों पर मुकदमा दर्ज करने की निंदा
पलवल। भारत बंद के दौरान शुक्रवार को राजमार्ग जाम करने के मामले में औरंगाबाद गांव के 14 किसानों पर दर्ज किए गए मुकदमे की भाकियू के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत ने निंदा की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने जानबूझकर एक ही गांव के 14 किसानों पर जिस तरह से नामजद मुकदमा दर्ज किया है। इससे पता चलता है कि द्वेष भावना के चलते किया गया है। पुलिस किसानों पर दबाव बनाना चाहती है, लेकिन उनकी योजना सफल नहीं होगी।

पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे धरने में रविवार को किसान होलिका दहन में कृषि कानूनों की प्रतियां जलाएंगे। इस दौरान केंद्र सरकार के तीनों कानूनों का विरोध जताया जाएगा। वहीं एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने की मांग की जाएगी। दूसरी ओर शनिवार को गांव औरंगाबाद से आई चौपाई पार्टी ने अपनी प्रस्तुति देते हुए सरकार पर जमकर कटाक्ष किए।

किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में अटोहां चौक पर आयोजित धरने में मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि पलवल के संयुक्त किसान मोर्चा के सभी आह्वान को पूरा किया गया है। पूरे जोश के साथ भारत बंद में भी सभी ने अपनी भूमिका निभाई है। इसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि किसान अब आर-पार की लड़ाई का मन बना चुके हैं। वे अब किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाले नहीं हैं। काम के समय में भी सब लोग आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। आंदोलन की अगली कड़ी में रविवार को धरना स्थल पर होली का पर्व मनाया जाएगा। होलिका दहन के साथ ही कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के हित के लिए काम कर रही है। किसानों का हक छीनकर कारोबारियों को देना चाहती है। यदि कृषि कानूनों की वापसी नहीं हुई तो आने वाली पीढ़ियों के लिए खाने के लाले पड़ जाएगा। उन्होंने सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने व एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने की अपील की। धरने की अध्यक्षता हीरालाल मीसा व संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। इस मौके पर सोहनपाल प्रधान, राजकुमार ओलिहान, पं. किशन चंद शर्मा, ज्ञान सिंह चौहान, भागीरथ बेनीवाल, ऋषिपाल, राहुल तंवर, धर्मचंद घुघेरा, ताराचंद आदि मौजूद रहे।

कलाकारों ने पेश किए खेती- किसानी व आंदोलन के गीत

शनिवार को धरना स्थल पर तुकिया महेंद्र की पार्टी ने चौपाई की प्रस्तुति दी। उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर कटाक्ष किए। वहीं खेती-किसानी से लेकर आंदोलन में हुई गतिविधियों को पेश किया।

किसानों को लगाए गए कोरोना से बचाव के टीके

जिला रेडक्रॉस सोसाइटी एवं जिला पलवल केमिस्ट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में धरनास्थल पर 127 किसानों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई। इस मौके पर रेडक्रॉस सोसाइटी के जिला प्रशिक्षण अधिकारी महेश मलिक, केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान डॉ. विनोद जिंदल, अंकित सौरोत, राजेश कुमार आदि मौजूद रहे।

राजमार्ग जाम करने पर 500 लोगों के खिलाफ केस

पलवल। किसान आंदोलन के दौरान शुक्रवार को एनएच-19 जाम करने के आरोप में सदर थाना पुलिस ने 14 नामजद सहित 500 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी आनंद कुमार के अनुसार एनएच-19 पर गांव अंटोहा मोड़ के समीप किसान धरना स्थल पर बैठे हुए हैं। 26 मार्च को दोपहर करीब 12 बजे सैकड़ों लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों में आए और हाईवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान काफी वाहन जाम में फंसे रहे। आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामान करना पड़ा। वहीं एंबुलेंस व आर्मी की गाड़ियों भी फंसी रहीं। आरोप है कि एंबुलेंस चालक के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। पुलिस ने गांव औंरगाबाद निवासी समुद्र, महेंद्र, जयराम, होशियार, मेघसिंह, हरी, सुमेर, बुद्धी, शिवराम, नत्थी, अतर सिंह, रतन सिंह, रामबीर, गांव जनौली निवासी छोटा पहलवान सहित अन्य के खिलाफ केसद दर्ज किया है। संवाद

किसानों पर मुकदमा दर्ज करने की निंदा

पलवल। भारत बंद के दौरान शुक्रवार को राजमार्ग जाम करने के मामले में औरंगाबाद गांव के 14 किसानों पर दर्ज किए गए मुकदमे की भाकियू के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत ने निंदा की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने जानबूझकर एक ही गांव के 14 किसानों पर जिस तरह से नामजद मुकदमा दर्ज किया है। इससे पता चलता है कि द्वेष भावना के चलते किया गया है। पुलिस किसानों पर दबाव बनाना चाहती है, लेकिन उनकी योजना सफल नहीं होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *