एमएसपी पर कानून बनवाए बिना घर नहीं जाएंगे वापस : राकेश टिकैत

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एमएसपी पर कानून बनवाए बिना घर नहीं जाएंगे वापस : राकेश टिकैत
साहिबाबाद। यूपी गेट पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि बंगाल में सरकार चावल मांग रही, मगर किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी मांग रहे हैं। आंदोलनकारी किसान बिना कानून वापस कराए और एमएसपी पर कानून बनवाए घर वापस नहीं जाएंगे। तीन कानूनों पर कहा कि जो कानून जबरदस्ती बना हो, उसके बनते ही विरोध शुरू हो गया और उसमें संशोधन करने की बात कह रही तो उसमें सफेद क्या हो सकता है। उधर, भाकियू यूपी गेट पर फिर से महापंचायत की योजना तैयार कर रही है। अप्रैल माह में यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के साथ पंचायत होगी। वहीं बृहस्पतिवार को 11 किसानों ने 24 घंटे का अनशन किया।
सुबह करीब साढ़े दस बजे यूपी गेट पहुंचे राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने युवाओं से बातचीत की। युवाओं ने टिकैत को बताया कि उन्होंने वर्ष 2018 में एसएससी के लिए फार्म भरा था। लेकिन मेडिकल, लिखित और प्रैक्टिकल परीक्षा देने के बावजूद अभी तक नौकरी के लिए पत्र नहीं मिला। वह पिछले एक महीने से आंदोलन कर रहे हैं। मगर न तो सरकार उनकी मांग सुन रही और न ही दिल्ली में बैठे आला अधिकारी धरने-प्रदर्शन की अनुमति देते हैं। आरोपों के मुताबिक 22 फरवरी को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान उन पर लाठी चार्ज हुआ। जिसमें कई युवा घायल हो गए थे। इस पर अथ्यार्थियों ने राकेश टिकैत को मदद के लिए ज्ञापन भी सौंपा। जिस पर उन्होंने युवाओं की समस्या को आंदोलन के जरिए उठाने का आश्वासन दिया। इसके बाद पंजाब से भी किसानों ने राकेश टिकैत से मुलाकात की। उन्होंने राकेश टिकैत और जगतार सिंह बाजवा को हरे रंग का साफा पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही राकेश टिकैत की आंखों से आंसू गिरने वाली फोटो के साथ कुछ कविता के अंश लिखी तस्वीर को भेंट किया।
अप्रैल में फिर होगी महापंचायत
भाकियू के राष्ट्रीय अ ध्यक्ष चौ. नरेश टिकैत अप्रैल में भी सरकार के खिलाफ गरजेंगे। भाकियू ने यूपी गेट पर महापंचायत की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि अभी इसकी कोई तारीख निश्चित नहीं की गई है। प्रदेश अध्यक्ष चौ. राजवीर सिंह जादौन ने बताया कि पहले यह तारीख तीन अप्रैल महापंचायत के लिए तय की गई थी। मंच से इसका एलान भी हुआ था। मगर होली के बाद किसानों को खेत में काफी काम होता है। वहां काम करने के लिए भी किसानों को समय की जरूरत है। ऐसे में मुरादाबाद, सहारनपुर और मेरठ मंडल के पदाधिकारियों को ट्रैक्टर-ट्रॉली या 200-200 किसानों के साथ आंदोलन स्थल पर पहुंचने के लिए कहा गया है। जिस किसी भी किसान का खेत में काम पूूरा हो जाए। वो खेत से सीधे आंदोलन स्थल पर पहुंचेंगे। इससे खेत और आंदोलनस्थल पर रोटेशन बना रहेगा।
इन 11 किसानों ने किया अनशन
मंच संचालक चौ. ओमपाल मलिक ने बताया कि सुबह आठ बजे से अगले 24 घंटे तक अनशन करने वालों में तिलकराम कौशिक, सुभाषी लाल, गुरमंगल सिंह, अवतार सिंह, वीरेंद्र सिंह मलिक, राजपाल सिंह यादव, महावीर सिंह, लाड़ी सिंह, अजीत सिंह, तीरथ बाबा और काला सिंह शामिल रहे।

एमएसपी पर कानून बनवाए बिना घर नहीं जाएंगे वापस : राकेश टिकैत

साहिबाबाद। यूपी गेट पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि बंगाल में सरकार चावल मांग रही, मगर किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी मांग रहे हैं। आंदोलनकारी किसान बिना कानून वापस कराए और एमएसपी पर कानून बनवाए घर वापस नहीं जाएंगे। तीन कानूनों पर कहा कि जो कानून जबरदस्ती बना हो, उसके बनते ही विरोध शुरू हो गया और उसमें संशोधन करने की बात कह रही तो उसमें सफेद क्या हो सकता है। उधर, भाकियू यूपी गेट पर फिर से महापंचायत की योजना तैयार कर रही है। अप्रैल माह में यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के साथ पंचायत होगी। वहीं बृहस्पतिवार को 11 किसानों ने 24 घंटे का अनशन किया।

सुबह करीब साढ़े दस बजे यूपी गेट पहुंचे राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने युवाओं से बातचीत की। युवाओं ने टिकैत को बताया कि उन्होंने वर्ष 2018 में एसएससी के लिए फार्म भरा था। लेकिन मेडिकल, लिखित और प्रैक्टिकल परीक्षा देने के बावजूद अभी तक नौकरी के लिए पत्र नहीं मिला। वह पिछले एक महीने से आंदोलन कर रहे हैं। मगर न तो सरकार उनकी मांग सुन रही और न ही दिल्ली में बैठे आला अधिकारी धरने-प्रदर्शन की अनुमति देते हैं। आरोपों के मुताबिक 22 फरवरी को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान उन पर लाठी चार्ज हुआ। जिसमें कई युवा घायल हो गए थे। इस पर अथ्यार्थियों ने राकेश टिकैत को मदद के लिए ज्ञापन भी सौंपा। जिस पर उन्होंने युवाओं की समस्या को आंदोलन के जरिए उठाने का आश्वासन दिया। इसके बाद पंजाब से भी किसानों ने राकेश टिकैत से मुलाकात की। उन्होंने राकेश टिकैत और जगतार सिंह बाजवा को हरे रंग का साफा पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही राकेश टिकैत की आंखों से आंसू गिरने वाली फोटो के साथ कुछ कविता के अंश लिखी तस्वीर को भेंट किया।

अप्रैल में फिर होगी महापंचायत

भाकियू के राष्ट्रीय अ ध्यक्ष चौ. नरेश टिकैत अप्रैल में भी सरकार के खिलाफ गरजेंगे। भाकियू ने यूपी गेट पर महापंचायत की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि अभी इसकी कोई तारीख निश्चित नहीं की गई है। प्रदेश अध्यक्ष चौ. राजवीर सिंह जादौन ने बताया कि पहले यह तारीख तीन अप्रैल महापंचायत के लिए तय की गई थी। मंच से इसका एलान भी हुआ था। मगर होली के बाद किसानों को खेत में काफी काम होता है। वहां काम करने के लिए भी किसानों को समय की जरूरत है। ऐसे में मुरादाबाद, सहारनपुर और मेरठ मंडल के पदाधिकारियों को ट्रैक्टर-ट्रॉली या 200-200 किसानों के साथ आंदोलन स्थल पर पहुंचने के लिए कहा गया है। जिस किसी भी किसान का खेत में काम पूूरा हो जाए। वो खेत से सीधे आंदोलन स्थल पर पहुंचेंगे। इससे खेत और आंदोलनस्थल पर रोटेशन बना रहेगा।

इन 11 किसानों ने किया अनशन

मंच संचालक चौ. ओमपाल मलिक ने बताया कि सुबह आठ बजे से अगले 24 घंटे तक अनशन करने वालों में तिलकराम कौशिक, सुभाषी लाल, गुरमंगल सिंह, अवतार सिंह, वीरेंद्र सिंह मलिक, राजपाल सिंह यादव, महावीर सिंह, लाड़ी सिंह, अजीत सिंह, तीरथ बाबा और काला सिंह शामिल रहे।

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