‘काली मिर्च, अदरक और शहद… भारतीय स्टूडेंट ने खोजा कोरोना का इलाज, WHO ने दी मान्यता’: वायरल नुस्खों में कितना दम

कोरोना काल में सोशल मीडिया पर तरह-तरह के घरेलू नुस्खे वायरल होने का सिलसिला अब भी जारी है। कभी बताया जाता है कि पान के पत्ते खाकर कोरोना से बचा जा सकता है तो कभी कहते हैं कि कच्चे प्याज का सेंधा नमक के साथ सेवन आपको कोरोना से सुरक्षित कर सकता है।

इन नए-नए नुस्खों को इजाद करने वाले स्रोत का पता लगाना तो संभव नहीं है। लेकिन इनकी हकीकत से रूबरू हुआ जा सकता है। इसलिए प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की फैक्टचेक टीम ने इन वायरल संदेशों की सच्चाई बताई है। पीआईबी फैक्टचेक के ट्विटर हैंडल पर एक छोटी सी क्लिप शेयर करते हुए बताया गया है कि इन फर्जी घरेलू नुस्खों से खुद को बचाना है।

वीडियो में एक संदेश दिखाया गया है जिसमें लिखा है कि खूब चाय पीने और पिलाने से कोरोना संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है। पीआईबी की वीडियो बताती है कि इस बात के कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं कि चाय के सेवन से कोविड-19 के संक्रमण का खतरा कम हो सकता है।

अगली अफवाह है कि पान के पत्ते का सेवन करने से कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। इस पर फैक्टचेक टीम का दावा है कि पान के पत्ते का सेवन कैसे भी करके कोरोना से बचाने में कारगर नहीं है।

फिर, काली मिर्च, अदरक और शहद को लेकर भी एक अफवाह उड़ी कि भारतीय छात्र ने कोरोना संक्रमण का घेरलू इलाज ढूँढा है और इसे WHO ने भी स्वीकृति दे दी है। हालाँकि सच्चाई ये है कि काली मिर्च, अदरक और शहद के चलते कोविड-19 का उपचार नहीं हो सकता।

एक वीडियो सोशल मीडिया पर पिछले दिनों वायरल हुई थी जिसमें बताया गया था कि नाक में नींबू का रस डालने से कोरोना वारयस खत्म होता है। लेकिन हकीकत यह है कि नाक में नींबू का रस डालने से कोरोना खत्म होता है इसके वैज्ञानिक प्रमाण कहीं भी नहीं है। हाँ, इसके उपयोग से नकसीर की समस्या बंद हो जाती है।

इसके बाद, कच्चे प्याज के साथ सेंधा नमक के सेवन से कोरोना पॉजिटिव लोग नेगेटिव हो रहे हैं- ये दावा पिछले दिनों सोशल मीडिया पर खूब घूमा। इस संदेश में ये भी कहा गया कि ये नुस्खा एकदम सच है और यदि यकीन न हो तो लोग इसे करके देखें। इसके सेवन से ही कोरोना मर जाएगा।

पीआईबी इस दावे पर भी बताता है कि कच्चे प्याज और सेंधा नमक के सेवन से कोरोना से ठीक होने के कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। इसी तरह फिटकरी का पानी पीने से भी कोरोना से बचाव के कोई सबूत नहीं मिलते।

पीआईबी ने अपने ट्वीट में बताया है कि कोरोना के उपचार के लिए चिकित्सकीय परामर्श ज़रूरी है। ऐसे घरेलू नुस्ख़े कभी-कभी सहायक होने की जगह हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए इन्हें आजमाने से बचें।

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