‘किसान आंदोलन’ में रेप: ₹25000 का इनामी AAP नेता अनिल मलिक धराया, वीडियो बना कर पीड़िता को किया था ब्लैकमेल

दिल्ली की टिकरी सीमा पर चल रहे ‘किसान आंदोलन’ में आई पश्चिम बंगाल की युवती के सामूहिक बलात्कार के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित अनिल मलिक को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में कुल 6 आरोपित हैं, जिनमें से 3 के सिर पर 25-25 हजार रुपए के इनाम हैं। हरियाणा की झज्जर पुलिस ने गुप्त सूचनाओं के आधार पर भिवानी से अनिल मलिक को धर-दबोचने में कामयाबी पाई।

अनिल मलिक के आम आदमी पार्टी (AAP) का कार्यकर्ता होने की बात भी पता चली थी। भाजपा नेताओं ने इस सम्बन्ध में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से स्पष्टीकरण भी माँगा है। इससे पहले भी किसान आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगते आए हैं। इनमें मोहम्मद जुबेर, वरुण चौहान (ट्रॉली टाइम्स का सदस्य), अंतरप्रीत सिंह (स्टूडेंट फॉर सोसायटी का नेता) और स्वराज फॉर यूथ का अध्यक्ष मनीष कुमार भी शामिल है।

अनिल मलिक तभी से फरार चल रहा है, जब इस मामले की FIR भी दर्ज नहीं हुई थी। ‘किसान सोशल आर्मी’ नाम से बनाए गए तम्बू को तोड़े जाने के बाद अन्य आरोपित भी इधर-उधर भूमिगत हो गए थे। उस समय तक किसान नेता ही इन्हें बचाने में लगे थे। FIR दर्ज होने से पहले एक आरोपित अनूप चानौत ने वीडियो फुटेज जारी कर खुद का बचाव किया था और बताया था कि कमिटी के लोगों ने पंचायत कर उसे छिप कर रहने को कहा है।

इस मामले में दो महिलाओं समेत 25 लोगों से पूछताछ हो गई है। त्वरित कार्रवाई के लिए एक SIT का गठन भी किया गया था। एक अन्य आरोपित अंकुर सांगवान की जमानत याचिका जिला अदालत में ख़ारिज हो गई, जिसके बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले की सुनवाई बुधवार (जून 16, 2021) को होनी है। अनिल मलिक को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भी भेज दिया गया है।

पूछताछ में मलिक ने कबूल किया है कि उसने रेप का वीडियो बना लिया था और उसी के सहारे पीड़िता को ब्लैकमेल करता था। युवती से ट्रेन में और फिर ‘किसान आंदोलन’ के तम्बू में भी बलात्कार हुआ था। भिवानी के भीम स्टेडियम से गिरफ्तार मलिक ने स्वीकारा कि अनूप ने भी युवती के साथ रेप किया था और अंकुर ने छेड़खानी की थी। अनिल मलिक पहले फ़ौज में था लेकिन 2016 में रिटायर हो चुका है।

अनिल मलिक मूल रूप से झोझूंकला का रहने वाला है। उसकी गिरफ़्तारी की कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि किसी को भी भनक नहीं लगी। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने किसान नेताओं के सहयोग के लिए बैठकें की थीं, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। एक तरफ किसान नेता आरोपितों को बचाते रहे, वहीं दूसरी तरफ पीड़िता के पिता को साथ लाकर उन्हें न्याय दिलाने की बातें करते रहे।

मई 2021 में दिल्ली के टिकरी बॉर्डर स्थित ‘किसानों’ के प्रदर्शन स्थल पर बंगाल से आई युवती की कोरोना से मृत्यु के बाद युवती के पिता ने आरोप लगाया था कि उन्हें उनकी बेटी ने खुद फोन पर कहा था कि उसका शारीरिक शोषण किया गया था। गैंगरेप के इस मामले के आरोपितों में से दो आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता हैं। ‘स्वराज पार्टी’ के योगेंद्र यादव को किसानों के टेंट में हुई इस घटना के बारे में पता था।

वहीं अब टिकरी सीमा पर फिर से इसी तरह का एक मामला सामने आया है। वहाँ स्थित एक अस्थायी अस्पताल की नर्स ने प्रदर्शन के आयोजकों में से एक डॉक्टर सवाईमान सिंह के वॉलंटियर्स पर यौन शोषण का आरोप लगाया। इंस्टाग्राम पर अपनी दास्ताँ शेयर करते हुए पीड़िता ने बताया कि कैसे डॉक्टर सवाईमान सिंह और उनके अनुयायियों ने उसे प्रताड़ित किया। डॉक्टर सिंह के वॉलन्टियर्स ने उस पर अश्लील टिप्पणियाँ भी की।

Leave a Comment