कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने किया हाईवे जाम

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें

रामपुर/मिलक। कृषि कानूनों के विरोध में नगर में किसानों का विरोध प्रदर्शन तो जोरदार रहा लेकिन, बंद विफल रहा। किसानों ने सिविल लाइंस क्षेत्र में सड़क पर बैठकर करीब तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। लेकिन, इस दौरान नगर के सभी प्रमुख बाजार और दुकानें खुलीं रहीं। इस दौरान पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा हालांकि बिलासपुर में साप्ताहिक बंदी के कारण अधिकतर दुकानें बंद रहीं। जो दुकानें खुलीं थी उनको किसानों ने बंद करवा दिया।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व में विकास भवन के निकट एकत्र हुए। यहां पर कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और हाथों में संगठन के झंडे थामकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होते किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। सरकार एमएसपी पर कानून बनाने से भी कतरा रही है। कहा कि कृषि कानून जो सरकार ने बनाए हैं वो उद्योगपतियों का है। इस दौरान उन्होंने गन्ना बकाया भुगतान का मुद्दा भी उठाया और कहा कि जिले के तीनों चीनी मिलों पर अभी भी गन्ना किसानों का करीब 160 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। भुगतान न मिलने पर किसान ऋण की अदायगी नहीं कर पा रहे है जबकि, राजस्व विभाग ने छोटे और मझोले किसानों पर वसूली का शिकंजा कस दिया है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना का भी लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीफ विपणन 2020- 21 में अभिलेखों में हेराफेरी कर किसानों की बजाय बिचौलियों का धान खरीदा गया। इसके बाद किसानों ने नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देने के बाद हाईवे से जाम हटा दिया। इस अवसर पर मनजीत सिंह अटवाल, जागीर सिंह, प्रतिपाल सिंह ,संजीव चौधरी, संजीव बालियान, होरीलाल, वीरेंद्र सिंह, अजय बाबू गंगवार, अमृतपाल सिंह भिंडर, लखविंदर सिंह, चौधरी अजीत सिंह,खुशीराम, रामदास मौर्य, एहसान, आमिर अहमद, अनीस अहमद, मोहम्मद उमर, अमीर अहमद गुप्ता, जुगनू, मोहम्मद तालिब, रिजवान अली, विनोद यादव, खेमकरन, गोपी अटवाल,पप्पू चीमा, दरियाव सिंह, नासिर अली आदि शामिल रहे।
मिलक नगर और क्षेत्र में रोजमर्रा की तरह बाजार खुले। होली पर्व को लेकर बाजारों में भीड़ रही। यहां पर भारत बंद को कोई असर नहीं दिखा। हाईवे पर संपर्क मार्गों पर आवागमन सामान्य रहा।

रामपुर/मिलक। कृषि कानूनों के विरोध में नगर में किसानों का विरोध प्रदर्शन तो जोरदार रहा लेकिन, बंद विफल रहा। किसानों ने सिविल लाइंस क्षेत्र में सड़क पर बैठकर करीब तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। लेकिन, इस दौरान नगर के सभी प्रमुख बाजार और दुकानें खुलीं रहीं। इस दौरान पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा हालांकि बिलासपुर में साप्ताहिक बंदी के कारण अधिकतर दुकानें बंद रहीं। जो दुकानें खुलीं थी उनको किसानों ने बंद करवा दिया।

भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व में विकास भवन के निकट एकत्र हुए। यहां पर कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और हाथों में संगठन के झंडे थामकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होते किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। सरकार एमएसपी पर कानून बनाने से भी कतरा रही है। कहा कि कृषि कानून जो सरकार ने बनाए हैं वो उद्योगपतियों का है। इस दौरान उन्होंने गन्ना बकाया भुगतान का मुद्दा भी उठाया और कहा कि जिले के तीनों चीनी मिलों पर अभी भी गन्ना किसानों का करीब 160 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। भुगतान न मिलने पर किसान ऋण की अदायगी नहीं कर पा रहे है जबकि, राजस्व विभाग ने छोटे और मझोले किसानों पर वसूली का शिकंजा कस दिया है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना का भी लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीफ विपणन 2020- 21 में अभिलेखों में हेराफेरी कर किसानों की बजाय बिचौलियों का धान खरीदा गया। इसके बाद किसानों ने नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देने के बाद हाईवे से जाम हटा दिया। इस अवसर पर मनजीत सिंह अटवाल, जागीर सिंह, प्रतिपाल सिंह ,संजीव चौधरी, संजीव बालियान, होरीलाल, वीरेंद्र सिंह, अजय बाबू गंगवार, अमृतपाल सिंह भिंडर, लखविंदर सिंह, चौधरी अजीत सिंह,खुशीराम, रामदास मौर्य, एहसान, आमिर अहमद, अनीस अहमद, मोहम्मद उमर, अमीर अहमद गुप्ता, जुगनू, मोहम्मद तालिब, रिजवान अली, विनोद यादव, खेमकरन, गोपी अटवाल,पप्पू चीमा, दरियाव सिंह, नासिर अली आदि शामिल रहे।

मिलक नगर और क्षेत्र में रोजमर्रा की तरह बाजार खुले। होली पर्व को लेकर बाजारों में भीड़ रही। यहां पर भारत बंद को कोई असर नहीं दिखा। हाईवे पर संपर्क मार्गों पर आवागमन सामान्य रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *