टीम इंडिया पर फिदा हुए पीएम मोदी, कहा- चोट के बावजूद खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में डटे रहे और जीते

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टीम इंडिया पर फिदा हुए पीएम मोदी, कहा- चोट के बावजूद खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में डटे रहे और जीते

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 22 Jan 2021 12:14 PM IST

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भारतीय क्रिकेट टीम ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में 2-1 से टेस्ट सीरीज अपने नाम कर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। टीम ने अनुभवी खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी और तमाम तरह की चुनौतियों के बीच ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में पटखनी दी और इतिहास रचा। टीम इंडिया की इस जीत की हर तरफ तारीफ  है और उनके संघर्ष को सराहा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भी पूरी टीम की तारीफ कर चुके हैं। 

शुक्रवार को असम के तेजपुर यूनिवर्सिटी के 18वें दीक्षांत समारोह में मौजूद 1200 छात्रों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए पीएम ने भारतीय टीम का जिक्र करते हुए बताया कि खिलाड़ियों ने चोटिल होने के बावजूद लड़ाई को जारी रखा और ऑस्ट्रेलिया में इतिहास रचा। उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टीम का खेल दृष्टिकोण में बदलाव का एक बड़ा उदाहरण है। पहला टेस्ट हारने के बाद भी उन्होंने लड़ना जारी रखा।
 

मोदी ने कहा, ‘घायल होने के बाद भी वे जीत के लिए संघर्ष करते रहे और नए समाधान खोजते रहे। कुछ खिलाड़ी कम अनुभवी हो सकते हैं, लेकिन उनकी बहादुरी कम नहीं थी। उन्होंने सही प्रतिभा और स्वभाव के साथ इतिहास रचा।

भारतीय क्रिकेट टीम ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में 2-1 से टेस्ट सीरीज अपने नाम कर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। टीम ने अनुभवी खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी और तमाम तरह की चुनौतियों के बीच ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में पटखनी दी और इतिहास रचा। टीम इंडिया की इस जीत की हर तरफ तारीफ  है और उनके संघर्ष को सराहा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भी पूरी टीम की तारीफ कर चुके हैं। 

शुक्रवार को असम के तेजपुर यूनिवर्सिटी के 18वें दीक्षांत समारोह में मौजूद 1200 छात्रों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए पीएम ने भारतीय टीम का जिक्र करते हुए बताया कि खिलाड़ियों ने चोटिल होने के बावजूद लड़ाई को जारी रखा और ऑस्ट्रेलिया में इतिहास रचा। उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टीम का खेल दृष्टिकोण में बदलाव का एक बड़ा उदाहरण है। पहला टेस्ट हारने के बाद भी उन्होंने लड़ना जारी रखा।

 

मोदी ने कहा, ‘घायल होने के बाद भी वे जीत के लिए संघर्ष करते रहे और नए समाधान खोजते रहे। कुछ खिलाड़ी कम अनुभवी हो सकते हैं, लेकिन उनकी बहादुरी कम नहीं थी। उन्होंने सही प्रतिभा और स्वभाव के साथ इतिहास रचा।

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