पशुपालको और किसानों को किया सम्मानित

ग्राम संधावली में किसान प्रशिक्षण व गोष्ठी में किसानों को खेती के उपकरण देते  अतिथि।

ग्राम संधावली में किसान प्रशिक्षण व गोष्ठी में किसानों को खेती के उपकरण देते अतिथि।
– फोटो : MUZAFFARNAGAR

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें

पशुपालकों और किसानों को किया सम्मानित
मुजफ्फरनगर, मंसूरपुर। केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान मेरठ छावनी एवं कृषि विज्ञान केंद्र बघरा द्वारा गांव संधावली में अनुसूचित जाति उप योजना के तहत एक दिवसीय पशुपालन प्रशिक्षण एवं किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पशुपालकों और किसानों को सम्मानित किया गया।
वैज्ञानिकों ने उन्नत पशुपालन पद्धतियों के बारे में बताया। वक्ताओं ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने में पशुपालन का बहुत बड़ा महत्व है। कार्यक्रम में 200 महिला और पुरुष पशुपालकों को दुग्ध संग्रह के लिए, दूध की पैदावार बढ़ाने के लिए, मिनिरल मिक्सचर ,पशुओं को खिलाने के लिए आयरन टेस्ला और दवाइयां वितरित की गई। गोष्ठी को संबोधित करते हुए हिंद मजदूर किसान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजपाल सिंह ने कहा कि किसानों के सच्चे हमदर्द हमारे प्रेरणास्त्रोत चंद्रमोहन के द्वारा जाति प्रथा को समाप्त करने की मुहिम में हमें आगे आना चाहिए। उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण पर कठोर कानून बनाने की भी सरकार से मांग की। उन्होंने कहा कि हमारे धार्मिक ग्रंथों में भी जाति प्रथा का कोई उल्लेख नहीं है। जब हम बीमार हो जाते हैं तो खून की आवश्यकता पड़ने पर हम अपनी जाति के लोगों का खून नहीं लेते, बल्कि अपने ब्लड ग्रुप का खून हम लेते हैं, चाहे वह किसी भी जाति का हो।
केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान के डॉ. नरेश प्रसाद ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जाति के लोगों को स्वावलंबी बनाना है। कार्यक्रम में कृषि उपनिदेशक जसवीर तेवतिया, वैज्ञानिक डॉ संजीव वर्मा, डॉ नेमीचंद, डॉ रविंद्र कुमार, डॉ सुमित महाजन, डॉ जेके सिंह, डॉ श्रीपाल राणा, डॉ जितेंद्र कुमार, डॉ पीकेसिंह, विनोद कुमार, अमित कुमार, विजेंद्र सिंह, नरेंद्र जड़ौदा, दीपक, कीर्तन सिंह, अरविंद सिंह, मनीष, नवीन आदि उपस्थित रहे।

पशुपालकों और किसानों को किया सम्मानित

मुजफ्फरनगर, मंसूरपुर। केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान मेरठ छावनी एवं कृषि विज्ञान केंद्र बघरा द्वारा गांव संधावली में अनुसूचित जाति उप योजना के तहत एक दिवसीय पशुपालन प्रशिक्षण एवं किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पशुपालकों और किसानों को सम्मानित किया गया।

वैज्ञानिकों ने उन्नत पशुपालन पद्धतियों के बारे में बताया। वक्ताओं ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने में पशुपालन का बहुत बड़ा महत्व है। कार्यक्रम में 200 महिला और पुरुष पशुपालकों को दुग्ध संग्रह के लिए, दूध की पैदावार बढ़ाने के लिए, मिनिरल मिक्सचर ,पशुओं को खिलाने के लिए आयरन टेस्ला और दवाइयां वितरित की गई। गोष्ठी को संबोधित करते हुए हिंद मजदूर किसान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजपाल सिंह ने कहा कि किसानों के सच्चे हमदर्द हमारे प्रेरणास्त्रोत चंद्रमोहन के द्वारा जाति प्रथा को समाप्त करने की मुहिम में हमें आगे आना चाहिए। उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण पर कठोर कानून बनाने की भी सरकार से मांग की। उन्होंने कहा कि हमारे धार्मिक ग्रंथों में भी जाति प्रथा का कोई उल्लेख नहीं है। जब हम बीमार हो जाते हैं तो खून की आवश्यकता पड़ने पर हम अपनी जाति के लोगों का खून नहीं लेते, बल्कि अपने ब्लड ग्रुप का खून हम लेते हैं, चाहे वह किसी भी जाति का हो।

केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान के डॉ. नरेश प्रसाद ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जाति के लोगों को स्वावलंबी बनाना है। कार्यक्रम में कृषि उपनिदेशक जसवीर तेवतिया, वैज्ञानिक डॉ संजीव वर्मा, डॉ नेमीचंद, डॉ रविंद्र कुमार, डॉ सुमित महाजन, डॉ जेके सिंह, डॉ श्रीपाल राणा, डॉ जितेंद्र कुमार, डॉ पीकेसिंह, विनोद कुमार, अमित कुमार, विजेंद्र सिंह, नरेंद्र जड़ौदा, दीपक, कीर्तन सिंह, अरविंद सिंह, मनीष, नवीन आदि उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *