पान के किसान परेशान: अधिकारी नहीं कर रहे पान बरेजा का सर्वे, केवल 5 दिन बाकी, किसानों की चिंता बढ़ी

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छतरपुर4 घंटे पहले

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  • महाराजपुर, पनागर, लवकुशनगर, निवारी व बारीगढ़ में पान के किसान परेशान
  • किसानों ने पान बरेजा का निरीक्षण जल्द से जल्द करने की मांग की है

जिले के 200 से अधिक किसानों ने नया पान बरेजा स्थापित करने के लिए पिछले जनवरी-फरवरी माह में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत में ऑनलाइन आवेदन किया। इन नए पान बरेजों का उद्यानिकी विभाग के स्थानीय अधिकारियों को निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करना है, ताकि इन किसानों को इस योजना का लाभ मिल सके। पर स्थानीय अधिकारी इन किसानों के बार-बार बुलाने के बाद भी मौके का निरीक्षण करने नहीं पहुंच रहे हैं। पांच दिन बाद वित्तीय वर्ष खत्म होने के कारण इन किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं और परेशान हो रहे हैं।

जिले में गढ़ीमलहरा, महाराजपुर, पिपट, पनागर, लवकुशनगर, निवारी और बारीगढ़ कस्बे के 500 से अधिक किसान बरेजा स्थापित कर पान की खेती करते हैं। पिछले दिनों पान संघ की मांग पर प्रदेश सरकार ने इसे कृषि योजनाओं में शामिल करते हुए छतरपुर जिले के पान किसानों के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत उच्च तकनीकि पान किसान उत्पादन योजना लागू की गई।

किसानों ने ऑनलाइन अवेदन किए: इस योजना का लाभ पाने के लिए जिले के 200 से अधिक पान किसानों ने पिछले जनवारी-फरवरी माह में ऑनलाइन अवेदन किए। अब वित्तीय वर्ष 5 दिन बाद खत्म होने वाला है। इसलिए नया पान बरेजा लगाने वाले किसान चाहते हैं कि उनके पान बरेजा का निरीक्षण जल्द से जल्द हो जाए, ताकि उन्हें इस योजना का लाभ मिल सके। पर स्थानीय अधिकारी पान किसानों के बार-बार आग्रह करने के बाद भी मौका मुआयना करने नहीं पहुंच रहे हैं। इस कारण यह किसान परेशान हो रहे हैं और अधिकारियों को बार-बार बुला रहे हैं।

नया पान बरेजा लगाने वाले किसान को मिलेगा 35% का अनुदान: राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत सिर्फ नया पान बरेजा लगाने वाले किसानों को लाभ दिया जाएगा। जिसमें किसान को पान बरेजा में लगाए जाने वाली नेट, बांस, तार, पाइप, पॉलीथिन का जीएसटी वाला बिल उद्यानिकी विभाग में प्रस्तुत करना होगा। इस लागत पर किसान को 35% का अनुदान दिया जाएगा। लेकिन इसके पहले उद्यानिकी विभाग के स्थानीय अधिकारी मौके पर जाकर नए पान बरेजा का मुआयना करेंगे और अपना प्रतिवेदन विभाग को प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद इन पान किसानों के बिलों के आधार पर उन्हें शासन द्वारा अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।

ये हैं इनके जिम्मेदार

स्थानीय अधिकारी

क्यों : यह वित्तीय वर्ष सिर्फ पांच दिनों में खत्म होने वाला है, इसके बाद भी स्थानीय अधिकारी पान किसानों के बार-बार बुलाने के बाद भी मौका मुआयना नहीं कर रहे हैं। यदि समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं हुआ ताे किसानों को इस वित्तीय वर्ष की योजना लैप्स होने का डर सता रहा है।

कलेक्टर के निर्देश पर अभी मैं बिजावर क्षेत्र के एक स्कूल का निरीक्षण कर रहा हूं। दोपहर बाद पिपट और पनागर गांव पहुंचकर पान बरेजा का निरीक्षण करता हूं। मौका मुआयना करने के बाद किसानों के बिल विभाग में अनुदान के लिए प्रस्तुत करता हूं।
– आरएस पटेरिया, एसडीओ उद्यानिकी

उद्यानिकी विभाग के जिलाधिकारी

क्यों : वर्तमान वित्तीय वर्ष खत्म होने वाला है, इसके बाद भी उद्यानिकी विभाग के जिलाधिकारी जिले भर में मौजूद क्षेत्रीय अधिकारियों को पान किसानों द्वारा लगाए गए नए बरेजा की जांच कर विभाग में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के आदेश जारी नहीं कर रहे हैं।

विभाग के क्षेत्रीय एसडीओ को पान किसानों का निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करना है। यदि किसानों को सर्वे कराना है तो वे क्षेत्रीय अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। जैसे ही विभाग के पास प्रतिवेदन आ जाएंगे, शासन से बजट की मांग कर अनुदान वितरित कर दिया जाएगा।
– महेंद्र भट्‌ट, सहायक संचालक उद्यानिकी

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