पीएम फसल बीमा योजना में बुंदेलखंड के किसानों के बजाए बीमा कंपनियां को फायदा

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झांसी। कुदरती वजहों से खराब फसल के नुकसान भरपाई के लिए शुरू हुई पीएम फसल बीमा योजना असल में किसानों के बजाए बीमा कंपनियों के लिए अधिक फायदेेमंद साबित हो रही। बुंदेलखंड में जहां किसान अपनी उपज की लागत नहीं निकाल पा रहे है। वहीं, बीमा कंपनियां पिछले दो फसली सीजन में ही करीब सवा तीन सौ करोड़ रुपये का भारी-भरकम मुनाफा कमा चुकीं।
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक कारणों से खराब हुई फसल की क्षतिपूर्ति किसानों को दिए जाने का प्रावधान है। बीमा कंपनियों का प्रीमियम केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर अदा करती हैं जबकि किसानों को भी डेढ़ से दो फीसदी प्रीमियम चुकाना होता है। सरकार इसे किसानों की फायदेमंद योजना करार देती आई है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ दूसरी तस्वीर पेश करती है। बुंदेलखंड के झांसी मंडल में 2019 में खरीफ एवं रबी के लिए झांसी में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, जालौन के लिए इफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी एवं ललितपुर के लिए ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को काम मिला। वर्ष 2020-21 में झांसी में एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ललितपुर में एचडीएफसी एरगो इंश्योरेंस कंपनी को काम दिया गया जबकि जालौन में कंपनी नहीं बदली गई। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इन दो फसली सीजन में तीनों जनपदों से बीमा कंपनियों के खाते में कुल 95588.92 लाख प्रीमियम आया, जबकि 61847.57 लाख रुपये ही किसानों के बीच क्षतिपूर्ति के तौर पर बांटे गए। इस तरह झांसी मंडल मेें ही करीब सवा तीन सौ करोड़ रुपये का मोटा मुनाफा बीमा कंपनियों ने कमाया। इसी तरह इस रबी सीजन में कुल 358057 किसानों से 25374.33 लाख प्रीमियम वसूला गया लेकिन, यह पूरा पैसा बीमा कंपनियों के जेब में चला गया।
क्राप कटिंग की आड़ में जमकर धांधली
बीमा कंपनियां सारा खेल क्राप कटिंग की आड़ में खेलती हैं। जिन गांवों में फसल खराब होती है, वहां कंपनी सीधा सूचना न दिए जाने की आड़ में मुआवजा देने से इंकार कर देती है। इसके बाद क्राप कटिंग में काफी किसान शामिल हो पाते हैं। बड़ी संख्या में किसानों को इससे बाहर कर दिया जाता है। यह पूरा खेल राजस्व एवं बीमा कंपनियों की ओर से मिलकर खेला जाता है।
प्रीमियम चुकाने के बावजूद 32 हजार किसानोें को नहीं दिया बीमा
झांसी में 32 हजार किसानोें की खरीफ फसल खराब हो गई। इन किसानों ने बीमा कंपनी को प्रीमियम भी दिया था लेकिन, बैंकोें की लापरवाही से इनके नाम पोर्टल पर अपलोड नहीं हुए। पोर्टल पर नाम अपलोड न होने से इन किसानों को आज तक फसल क्षतिपूर्ति नहीं मिल सकी। जबकि इनके हिस्से का प्रीमियम सरकार भी बीमा कंपनी को चुका दिया।
खरीफ फसल 2020
जनपद बीमित किसान लाभान्वित किसान कुल प्रीमियम वितरित क्षतिपूर्ति
झांसी 216444 45932 8203.00 2640.04
ललितपुर 420163 81123 25812.55 5437.41
जालौन 52545 4268 2727.55 186.17
रबी फसल 2020
झांसी 164173 00 13620.96 00
ललितपुर 143529 00 7783.00 00
जालौन 50355 00 3970.37 00

झांसी। कुदरती वजहों से खराब फसल के नुकसान भरपाई के लिए शुरू हुई पीएम फसल बीमा योजना असल में किसानों के बजाए बीमा कंपनियों के लिए अधिक फायदेेमंद साबित हो रही। बुंदेलखंड में जहां किसान अपनी उपज की लागत नहीं निकाल पा रहे है। वहीं, बीमा कंपनियां पिछले दो फसली सीजन में ही करीब सवा तीन सौ करोड़ रुपये का भारी-भरकम मुनाफा कमा चुकीं।

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक कारणों से खराब हुई फसल की क्षतिपूर्ति किसानों को दिए जाने का प्रावधान है। बीमा कंपनियों का प्रीमियम केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर अदा करती हैं जबकि किसानों को भी डेढ़ से दो फीसदी प्रीमियम चुकाना होता है। सरकार इसे किसानों की फायदेमंद योजना करार देती आई है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ दूसरी तस्वीर पेश करती है। बुंदेलखंड के झांसी मंडल में 2019 में खरीफ एवं रबी के लिए झांसी में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, जालौन के लिए इफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी एवं ललितपुर के लिए ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को काम मिला। वर्ष 2020-21 में झांसी में एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ललितपुर में एचडीएफसी एरगो इंश्योरेंस कंपनी को काम दिया गया जबकि जालौन में कंपनी नहीं बदली गई। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इन दो फसली सीजन में तीनों जनपदों से बीमा कंपनियों के खाते में कुल 95588.92 लाख प्रीमियम आया, जबकि 61847.57 लाख रुपये ही किसानों के बीच क्षतिपूर्ति के तौर पर बांटे गए। इस तरह झांसी मंडल मेें ही करीब सवा तीन सौ करोड़ रुपये का मोटा मुनाफा बीमा कंपनियों ने कमाया। इसी तरह इस रबी सीजन में कुल 358057 किसानों से 25374.33 लाख प्रीमियम वसूला गया लेकिन, यह पूरा पैसा बीमा कंपनियों के जेब में चला गया।

क्राप कटिंग की आड़ में जमकर धांधली

बीमा कंपनियां सारा खेल क्राप कटिंग की आड़ में खेलती हैं। जिन गांवों में फसल खराब होती है, वहां कंपनी सीधा सूचना न दिए जाने की आड़ में मुआवजा देने से इंकार कर देती है। इसके बाद क्राप कटिंग में काफी किसान शामिल हो पाते हैं। बड़ी संख्या में किसानों को इससे बाहर कर दिया जाता है। यह पूरा खेल राजस्व एवं बीमा कंपनियों की ओर से मिलकर खेला जाता है।

प्रीमियम चुकाने के बावजूद 32 हजार किसानोें को नहीं दिया बीमा

झांसी में 32 हजार किसानोें की खरीफ फसल खराब हो गई। इन किसानों ने बीमा कंपनी को प्रीमियम भी दिया था लेकिन, बैंकोें की लापरवाही से इनके नाम पोर्टल पर अपलोड नहीं हुए। पोर्टल पर नाम अपलोड न होने से इन किसानों को आज तक फसल क्षतिपूर्ति नहीं मिल सकी। जबकि इनके हिस्से का प्रीमियम सरकार भी बीमा कंपनी को चुका दिया।

खरीफ फसल 2020

जनपद बीमित किसान लाभान्वित किसान कुल प्रीमियम वितरित क्षतिपूर्ति

झांसी 216444 45932 8203.00 2640.04

ललितपुर 420163 81123 25812.55 5437.41

जालौन 52545 4268 2727.55 186.17

रबी फसल 2020

झांसी 164173 00 13620.96 00

ललितपुर 143529 00 7783.00 00

जालौन 50355 00 3970.37 00

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