फोन में प्लास्टर, ‘हार’ गया ममता बनर्जी से Pegasus: तृणमूल के नेताओं की प्लास्टर दुकान पर भीड़, साथ में खिंचवाए फोटो

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पेगासस विवाद पर बुधवार (21 जुलाई) को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ”हमारे फोन ट्रैप किए जा रहे हैं। मैं किसी से बात नहीं कर सकती। मैंने अपना फोन प्लास्टर किया है, क्योंकि ये सब कुछ टैप करते हैं। फिर चाहे वह वीडियो हो या ऑडियो।”

ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार पेगासस पर पैसे खर्च कर रही है। उनके अनुसार केंद्र सरकार पर प्लास्टर कर देना चाहिए, नहीं तो देश तबाह हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने संघीय ढाँचे को गिरा दिया है। हालाँकि अपने बेतुके बयान के बाद ममता बनर्जी नेटिजन्स के निशाने पर आ गई हैं।

एक सोशल मीडिया यूजर ने ममता बनर्जी के बयान के साथ टीवी शो ‘साथ निभाना साथिया’ की गोपी बहू की लैपटॉप धोते हुए फोटो शेयर करते हुए हँसते हुए इमोजी के साथ लिखा, ”एक जैसी एनर्जी।”

एक अन्य यूजर ने NDTV के ट्वीट को शेयर करते हुए हँसते इमोजी के साथ टीएमसी सांसद महुआ मित्र को टैग करते हुए लिखा, ”इस बिना दिमाग वाली नेता को बताना चाहिए कि उसके फोन पर लगा प्लास्टर उतना ही काल्पनिक है, जितना कि उसके पैर पर लगी चोट थी।” एक और सोशल मीडिया यूजर ने ममता की बिना सर पैर वाली बात पर फिरकी ली। उसने लिखा, “ये एक मुख्यमंत्री है, किसने इन्हें चुना?”

श्रेयषी डे नाम की यूजर ने लिखा, “पेगासस विवाद के बाद ममता बनर्जी दिखाती हैं कि उन्होंने अपने सेल फोन के कैमरे पर कैसे टेप लगाया हुआ है।”

इस पर प्रतिक्रिया देते एक यूजर ने हँसते इमोजी के साथ लिखा, ”इनके मुँह पर टेप लगाओ कोई, कैमरे पर टेप लगाने से हैक नहीं होगा फोन? वाह रे हम्बा हम्बा रम्बा रम्बा…”

जय प्रकाश शर्मा नाम के यूजर ने लिखा, ”हाहाहा वैसे तो आपमें बहुत सी खासियत है, पर ये उससे हटकर प्रतिभा है। वैसे आप उद्धव, राहुल, अरविंद, अखिलेश से कम नहीं हो…”

ममता बनर्जी इससे पहले भी कई मौकों पर केंद्र सरकार के खिलाफ बिना तथ्यों के आरोप लगा चुकी हैं। ममता अपनी पार्टी की सबसे बड़ी नेता हैं, इसलिए उनसे नीचे वाले सारे नेताओं ने फोन में प्लास्टर करवा लिया है और सूचना ‘दीदी’ तक पहुँच जाए, इसके लिए फोटो भी खिंचवा लिया है।

बता दें कि वामपंथी वेबसाइट ‘द वायर’ और एनडीटीवी पेगासस विवाद पर केंद्र सरकार के खिलाफ भ्रामक प्रचार कर रही हैं। उनका कहना है कि भारत सरकार पत्रकारों, केंद्रीय मंत्रियों, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों, विपक्षी नेताओं और अन्य हस्तियों की जासूसी करने के लिए इजरायली कंपनी एनएसओ के पेगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रही है। इसको लेकर आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव लोकसभा में इन्हें लताड़ भी चुके हैं। आईटी मंत्री ने कहा था कि इनकी रिपोर्ट तथ्यों से परे है और इसमें सच्चाई नहीं है।

Updated: July 21, 2021 — 9:51 pm

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