बंदूक की गोली की तरह ये मछली करती है पानी का इस्तेमाल, बेहद अलग है शिकार करने का तरीका!

फोटो: Instagram/@bluezooaquariums

ये मछली (Archerfish) कीड़े-मकोड़े, छोटी छिपकलियां आदि जैसे जीवों को अपना शिकार बनाती है. वैज्ञानिकों का मानना है कि आर्चफिश 2 मीटर तक अपने शिकार पर सटीक निशाना लगा सकती है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 30, 2021, 10:37 AM IST

अगर आप 90 के दशक में पैदा हुए हैं तो आपने पोकेमॉन कार्टून तो जरूर देखा होगा. पोकेमॉन काल्पनिक जीवों के ऊपर आधारित एक कार्टून था जिसमें उन जीवों को पोकेमॉन कहा जाता था. वो असल जिंदगी के जानवरों से मिलते-जुलते थे. इन पोकेमॉन में कई शक्तियां थीं जिससे वो खुद का बचाव या दुश्मन पर हमला करते थे. इस कार्टून में एक पोकेमॉन को दिखाया गया था जिसका नाम है स्क्वर्टल. स्क्वर्टल कछुए जैसा दिखने वाला जीव थी जो पानी का पोकेमॉन था यानी उसके पास जो शक्तियां थीं वो पानी से जुड़ी हुई थीं. उसकी एक शक्ति में शामिल थी, वॉटर गन. इस शक्ति के जरिए वो अपने मुंह से पानी की तेज फुहार निकाल कर अपने दुश्मन को घायल कर देता था.
archefish
फोटो: Instagram/@zooster.world

आप सोच रहे होंगे कि यहां स्क्वर्टल पोकेमॉन के बारे में बताने का क्या कारण है. वजह ये है कि जिस मछली का हम यहां जिक्र करने जा रहे हैं उसके पास भी स्क्वर्टल जैसी ही शक्ति है. आर्चरफिश (Archefish) एक ऐसी मछली है, जो शिकार करने के लिए पानी का इस्तेमाल बंदूक की गोली की तरह करती है. इसकी वजह से इसे नैचुरल शार्पशूटर भी कहा जाता है. यह पेड़ पर बैठे कीड़े-मकोड़ों पर इतनी तेज रफ्तार से मुंह से पानी फेंकती है कि उनका बच पाना मुश्किल होता है.

टॉक्सोटेस जैक्यूलेट्रिक्स (Toxotes Jaculatrix) जिसे आम लोग आर्चफिश के नाम से जानते हैं, दक्षिण, दक्षिण-पूर्व एशिया (Asia) के मैंग्रोव के पानी में पाई जाती हैं. वो पानी के बाहर अपने शिकार को पानी की सतह से घात लगाए देखती रहती है. जैसे ही वो मौका पाती है, अपने शिकार पर पानी की तेज धार से हमला कर देती है. पानी की धार से घायल शिकार जब पानी में गिरता है तो वो उसे खा जाती है. वैज्ञानिक भी इस मछली की शक्ति से हैरान रहते हैं. शोध से पता चला है कि ये मछली ग्रैवेटी, अपने शिकार की दूरी जैसे कई कारकों को पार करते हुए सटीक निशाना लगा लेती है.

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ये मछली कीड़े-मकोड़े, छोटी छिपकलियां आदि जैसे जीवों को अपना शिकार बनाती है. वैज्ञानिकों का मानना है कि आर्चफिश 2 मीटर तक अपने शिकार पर सटीक निशाना लगा सकती है. मुंह से निकली पानी की धार इतनी तेज होती है कि कुछ रिपोर्ट में दावा किया जाता है कि जब ये धार इंसान के चेहरे पर पड़ती है तो कीड़े के काटने जैसा दर्द होता है.

ये मछली अपने मुंह को बंदूक की तरह इस्तेमाल करती है. मुंह के अंदर अपनी जीभ को मोड़कर, आर्चफिश अपने मुंह से पानी की धार को छोड़ती है. मछली की पानी की धार शुरुआत में धीरे और बाद में तेज गति से निकलती है जिससे शिकार को पूरी तरह से घायल कर सके.








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