बकरीद के लिए केरल में लॉकडाउन में छूट: देश भर में 42000 कोरोना मामलों में 16000 सिर्फ केरल में, उठे सवाल

केरल में पिछले कुछ दिनों से कोरोना फिर से कहर बरपा रहा है, लेकिन केरल सरकार के एक फैसले से ये संकट और गहरा सकता है। ऐसे वक्त में जब कोरोना के आँकड़े हर रोज बढ़ रहे हैं, तब विजयन सरकार के एक फैसले पर सवाल खड़े हो रहे हैं। केरल सरकार ने बकरीद की वजह से 18, 19 और 20 जुलाई को लॉकडाउन में छूट दी है। 21 जुलाई को बकरीद है। ऐसे में त्योहार से जुड़ी खरीदारी के मद्देनजर प्रतिबंधों में ढील दी गई है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि ए, बी और सी कैटेगरी की जरूरी सामान वाली दुकानों के साथ ही कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स और फैंसी ज्वैलरी की भी दुकानों को रात 8 बजे तक खोले जाने की अनुमति दी गई है। बता दें कि 5 प्रतिशत से कम टेस्ट पॉजिटिविटी रेट वाले क्षेत्रों को ए कैटेगरी में शामिल किया गया है, 5 से 10 प्रतिशत वाले क्षेत्रों को बी कैटेगरी में शामिल किया गया है। सी कैटेगरी में 10 से 15 प्रतिशत वाले क्षेत्र और डी कैटेगरी में 15 प्रतिशत से ऊपर वाले क्षेत्र शामिल हैं।

दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि त्योहार के दौरान सिर्फ चालीस लोगों को ही धार्मिक स्थल पर इकट्ठा होने की अनुमति होगी। इसमें कहा गया कि जो लोग धार्मिक स्थलों पर इकट्ठा होंगे, उन्होंने कोविड-19 वैक्सीन की कम से कम एक खुराक जरूर ली हो। प्रदेश के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन (CM Pinarayi Vijayan) ने शनिवार (जुलाई 17, 2021) को ये घोषणा की।

इससे पहले भी शुक्रवार ( (जुलाई 16, 2021) को राज्य सरकार ने घोषणा की कि बकरीद को देखते हुए 18, 19 और 20 जुलाई को लॉकडाउन से आम लोगों को छूट देगी। उन्होंने यह भी कहा कि सबरीमाला में पूजा में शामिल होने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 5,000 से बढ़ाकर 10,000 कर दी गई है।

केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने लॉकडाउन के बीच बकरीद के लिए तीन दिन की छूट की घोषणा के लिए केरल सरकार पर निशाना साधा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिनराई विजयन सरकार ‘COVID-19 को रोकने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण’ का पालन नहीं कर रही है। 

मुरलीधरन ने ANI से बात करते हुए कहा, “अब जब बकरीद आ गया है, सरकार ने लॉकडाउन के लिए तीन दिन के ढील की घोषणा की है। मेरा सुझाव है कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण का पालन करें और भारत सरकार, ICMR के दिशा-निर्देशों और WHO के दिशा-निर्देशों का पालन करें। महामारी का उपयोग साधन के रूप में न करें। इससे राजनीतिक लाभ नहीं होगा।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “इस तथ्य के बावजूद कि केरल में पूरे देश में COVID-19 मामलों की संख्या सबसे ज्यादा है, फिर भी केरल सरकार ने अभी तक कोविड को रोकने और लॉकडाउन लागू करने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण नहीं अपनाया है।”

केरल में सबसे ज्यादा कोरोना केस

सबसे ज्यादा नए कोरोना मामलों वाले राज्यों में केरल सबसे ऊपर है, जहाँ 15,637 नए केस मिले हैं। गुरुवार (जुलाई 15, 2021) को देश में बीते 24 घंटे में 41,806 नए कोरोना मरीज मिले। कुल नए मामलों का 37.4 फीसदी अकेले केरल में दर्ज किया गया है।

केरल में इस वक्त कोरोना के सबसे ज्यादा केस आ रहे हैं। सबसे ज्यादा एक्टिव केसेज भी इसी राज्य में हैं। महाराष्ट्र और उत्तर पूर्वी राज्यों के अलावा केरल ही है, जहाँ पर कोरोना के मामले नियंत्रण में नहीं हैं। इसके अलावा, जीका वायरस का खतरा भी राज्य पर मंडरा रहा है। कोरोना की अनुमानित तीसरी लहर से बचने के लिए जब डॉक्टर, धार्मिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों से परहेज करने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे में केरल सरकार के ताजा फैसले पर सवाल उठने जायज हैं।

Updated: October 2, 2021 — 7:17 am

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