बाबा खेदन महाराज का स्मारक व शिव मंदिर है रौता की पहचान

मधेपुरा। जिला मुख्यालय से 24 किलोमीटर पूरब-उत्तर दिशा में स्थित रौता पंचायत की पहचान बाबा खेदन महाराज का स्मारक व महा मंडलेश्वर शिवमंदिर है। हजारीबाग में उपायुक्त के पद पर पदस्थापित आइएएस अधिकारी आदित्य कुमार आनंद, खेल में राष्ट्रीय पहचान बनाने बनाने वाली पल्ली प्रिया बादल, एयर पोर्टल प्राइवेट लिमिटेड गुडगांव में डेटा एनेलाइसिस के पद आसीन ई. अजयकुमार आनंद व मंत्री बन पद को सुशोभित करने वाले डॉ. रमेश ऋषिदेव इसी पंचायत के हैं।

अंग्रेजी शासन में स्थानीय कावेश्वर मेहता, शिव प्रसाद मंडल, शंकर मंडल, घनश्याम मंडल, पंचलाल मंडल, मु. रहमान, खाखी मल्लाह आदि ने राजनीतिक पहचान को बरकरार रखा है। यहां हर साल बरसात के मौसम में सुरसर नदी हजारों एकड़ जमीन में लगी फसल को तबाह कर देती है। दर्जनों गरीब की झोपड़ी बाढ़ के चपेट आ जाती है। इसके बावजूद पंचायती राज लागू होने से पंचायत तेजी से विकास के रास्ते पर अग्रसर है। वर्तमान में पंचायत के चरों ओर पक्की सड़कों का जाल बिछा हुआ है। दूसरी ओर क मुहल्ले से दूसरे मुहल्ले तक जाने आने के लिए पक्की सड़कें है। साथ ही ग्रामीणों को घर दरवाजे तक पहुंचने के लिए पीसीसी व पेवर ब्लाक की सड़कों का निर्माण किया गया है। अलग-अलग टोले मुहल्ले में बसे पंचायत के 15 वार्डों में शिक्षा के लिए आठ विद्यालय स्थापित है। इस में से तीन प्राथमिक विद्यालय है। एक विद्यालय अभी तक भवन विहीन है। वहीं चार मध्य विद्यालय और एक उच्च माध्यमिक विद्यालय है। उच्च शिक्षा के यहां के बच्चों को जिला मुख्यालय अथवा पटना दिल्ली या दूसरे राज्य जाना पड़ता है। इसके साथ ही छोटे बच्चे, किशोरी व महिलाओं के विकास के लिए पंचायत में समाज कल्याण निदेशालय द्वारा सभी वार्ड में आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किया गया है। दो वार्ड में स्थापित आंगनबाड़ी केंद्र स्वयं के सरकारी भवन में संचालित हो रहा है तो शेष का किराए के भवन में है। पंचायत में सड़कों के साथ-साथ पुल पुलियों की स्थिति बेहतर है। पंचायत में एक ओर जहां संत महात्माओं की स्थली रही है। वहीं कावेश्वर मेहता, शिव प्रसाद मंडल, शंकर मंडल, घनश्याम मंडल, पंचलाल मंडल, मु. रहमान, खाखी मल्लाह आदि सरीखे लोगों की क्रम स्थली है। पंचायत प्रथम मुखिया कमलेश्वरी प्रसाद मेहता निर्वाचित हुए थे। उनके देहांत के बाद पंचायत का नेतृत्व अब्दुल शकूर व महावीर प्रसाद यादव ने किया था। पंचायत राज अधिनियम 2001 के परिसीमन में दो अलग-अलग पंचायत का गठन हुआ। श्रीपुर व रामचौड़ा मौजा को मिलाकर रौता पंचायत का गठन किया गया। रौता को पंचायत का मुख्यालय बनाया गया। आजादी के बाद श्रीपुर व रामचौड़ा मौजा के मचहां, गोपालपुर, परिहारी, रौता, बेल्ही, हरिबला, रामचौड़ा, बजराहा, बलुआ टोला को मिलाकर पंचायत का गठन किया गया था। ग्रामीण विकास को गति देने के उद्देश्य से 2001 में पंचायत राज अधिनियम के तहत पंचायत प्रतिनिधि पंचायत के सर्वांगीण विकास के लिए चितित हैं। सुरसर व चिलौनी नदी के विनाशलीला के बावजूद पंचायत में विकास के कई काम हुए हैं। इसके तहत पंचायत भवन, पंचायत सरकार भवन, बाढ़ आश्रय स्थल, स्वास्थ उपकेंद्र, कला भवन, सामुदायिक केंद्र सार्वजनिक शौचालय आदि का निर्माण कराया गया है। पंचायत के मध्य से गुजरने वाली एमबीसी नहर से कोसी का बंजर इलाका अब उपजाऊ हो चला है। पंचायत में 15 हजार फीट पीसीसी सड़क का निर्माण किया गया है। जल निकासी के लिए आठ हजार फीट नाले का निर्माण किया गया है। साथ ही 1400 परिवार को लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत शौचालय निर्माण कराया गया है। साथ ही 500 योग्य परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभांवित किया गया है। साथ ही 200 लोगों को वृदावस्था पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। वहीं 500 वृद्धजन, 250 विधवा, 50 लक्ष्मीबाई पेंशन व 150 दिव्यांग को निशक्ता पेंशन का लाभ दिलाया गया है। इतना ही नहीं 20 गरीब परिवार की कन्याओं को दहेज मुक्त शादी करने पर कन्या विवाह योजना व गरीब परिवार के निधन पर 220 लोगों को कबीर अंतेष्टि योजना का लाभ दिलाया गया है। 350 किसान और पशुपालकों को पशु शेड 20 किसान को वर्मी कंपोस्ट तथा किसान के निजी भूमि में तीन पौधारोपण किया गया है। इसके साथ ही स्थानीय पांच किसानों के निजी भूमि में तालाब का निर्माण कराया गया है। 1800 परिवार के आवास को जलजमाव मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए मिट्टी भराई का कार्य किया गया है।

पंचायत में है सिचाई की व्यवस्था कोसी के बंजर इलाके को उपजाऊ बनाने के उद्देश्य से पंचायत के मध्य से मुरलीगंज प्रशाखा नहर गुजरती है। इससे पंचायत के किसान खेतों की सिचाई आसानी से होती है। क्षेत्र की मिट्टी उपजाऊ हुई है। किसान खुशहाल हुए हैं।

पंचायत में हुए हैं विकास के कार्य पंचायत के विभिन्न वार्डों के सड़कों को पक्की सड़क में तब्दील करने केलिए 16 हजार फीट पीसीसी पथ का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही 1400 परिवार को लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत निजी शौचालय का लाभ दिया गया है। वहीं दो स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण भी किया गया है। 350 किसानों के निजी भूमि में पशु सेड का निर्माण किया गया है। ग्रामीण स्वास्थ अभियंत्रण विभाग द्वारा हर घर नल का जल योजना के तहत 15 केंद्र स्थापित किया गया है। इसमें से आधा केंद्र संचालित कर दिए गए हैं। लोगों को स्वच्छ जल मिलने लगा है।

पंचायत सरकार भवन का हुआ है निर्माण पंचायत के समग्र विकास और गांव की योजना गांव में बनाने के लिए पंचायत सरकार भवन के निर्माण का कार्य किया गया है। पंचायत सरकार भवन में आम जनों को मिलने वाले लोक सेवाओं के अधिकार की सेवा बहाल नहीं हो सकी है। लोक सेवाओं के अधिकार के लिए लोगों को शीध्र सुविधा मुहैया होगा।

मुख्य पथ से मुहल्ले को जोड़ने का किया गया प्रयास पंचायत के लगभग सभी गांव में पक्की सड़क की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं से 16 हजार फीट पीसीसी सड़क का निर्माण कर मुख्य पथ से जोड़ने का काम किया गया है।

स्वास्थ्य उप केंद्र है संचालित पंचायत वासियों को स्वास्थ्य सुविधा मोहैया कराने के उद्देश्य से वर्षों पूर्व हरिबोला में स्वास्थ्य उपकेंद्र के भवन का निर्माण कराया गया था। निर्माण के बाद से स्वास्थ्य उपकेंद्र को स्थानीय लोगों को समय-समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

श्मशान घाट की है आवश्यकता पंचायत में सामाजिक राजनीतिक व सांस्कृतिक विकास के साथ साथ पंचायत वासियों के लिए सार्वजनिक श्मशान घाट की आवश्यकता है। इसके लिए मुखिया इंद्रनारायण यादव द्वारा कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण मामले का विचारण नहीं हुआ है। वर्तमान में मुखिया का प्रयास अभी भी जारी है।

साफ-सफाई की है व्यवस्था साफ-सफाई के लिए मुखिया द्वारा घर-घर स्वच्छ अभियान चलाकर मुहल्ले के चिह्नित स्थान पर कचरा फेंकने को कहा गया है। हर घर से एकत्रित कचरे को संचय स्थल पर लेजाकर समाप्त कर दिया जाता है। इससे गांव स्वच्छ व सुंदर स्थिति में है।

किसानों और पशुपालकों को मिला योजनाओं का लाभ पंचायत के पशुपालकों के उन्नति और पशु सुरक्षा के लिए विभिन्न वार्ड के करीब 350 पशुपालक के निजी भूमि में पशु शेड 20 वर्मी कंपोस्ट व तीन निजी तालाब का निर्माण कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सबल करने का प्रयास किया गया है। वहीं उनके पशु के संरक्षण की भी व्यवस्था की गई है।

गरीबों को मिले राशन कार्ड पंचायत के 2919 गरीब परिवार को राशन कार्ड का लाभ मिल रहा है। वहीं 400 परिवार को नया राशन कार्ड दिलाया गया है, जबकि 250 परिवार के राशन कार्ड में अपेछित सुधार किया गया।

कौन कब बने मुखिया 2001 : अशोक मेहता 2006 : प्रभा देवी 2011 : तुला देवी 2016 : पूनम देवी(वर्तमान) ग्राम पंचायत एक नजर में कुल जनसंख्या : 14,875 मतदाता : 7,338 परिवार : 3,460 साक्षरता : 53 कुल वार्ड : 15 मुख्य रोजगार : कृषि,मजदूरी,व्यवसाय आंगनबाड़ी केंद्र : 15 कुल राशन कार्डधारी लाभुक : 2919 जनवितरण दुकान :07 प्राथमिक विद्यालय : 03(एक भवन विहीन) मदरसा : नहीं मध्य विद्यालय : 04 उच्च माध्यमिक विद्यालय : 01 कॉलेज : नहीं पंचायत भवन : उपलब्ध पंचायत सरकार भवन : उपलब्ध सामुदायिक भवन : 04 राजीव गांधी सेवा केंद्र : उपलब्ध स्वास्थ्य उपकेंद्र : 01 पशु चिकित्सालय : नहीं राष्ट्रीयकृत बैंक : 01 पेट्रोल पंप : नहीं रसोई गैस वितरण केंद्र : नहीं पर्यटन स्थल : नहीं साफ-सफाई की स्थिति : बेहतर पुल-पुलिया की स्थिति : ठीक सड़कों की स्थिति : ठीक पक्की सड़कें : जर्जर

धार्मिक स्थान प्राचीन बाबा खेदन महाराज स्मारक, शिव मंदिर, बाबा तपसी महाराज स्थान, मंगलू महाराज स्थान, कारी महाराज स्थान, बुलाकी महाराज स्थान, महावीर स्थान, बजरंग बली मंदिर, दीना भद्री मंदिर आदि।

ग्रामीणों की राय पंचायत में विकास के अनेकों कार्य किए गए हैं। इसके तहत किसान, मजदूर, गरीब, वृद्ध, दिव्यांग समेत सभी तबके के लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है। -मु.उस्मान पंचायत के मुखिया द्वारा सभी वर्ग के लोगों के लिए काम किया गया है। पंचायत में विकास की और आवश्यकता है। -निर्मल यादव मुखिया द्वारा पंचायत में विकास के अनेकों कार्य किए गए हैं। इससे पंचायत का चहुंमुखी विकास हुआ है। भविष्य में भी और विकास की आशा है। नागेश्वर यादव पंचायत में सामाजिक, राजनीतिक व धार्मिक विकास के साथ-साथ गरीबों के हित के लिए काम किया गया है। गांव भी अब शहर जैसा ही लगता है। रामेंद्र यादव जनहित के लिए चलाए गई योजनाओं को मुखिया द्वारा सरजमीन पर उतारने का काम किया गया है। आवागवन के लिए सड़कों के पक्कीकारण का कार्य किया गया है। पंचायत को और विकसित करने की आवश्यकता है। -जामुन ऋषिदेव

मुखिया का दावा मुखिया पूनम देवी का कहना है कि पंचायत के बुद्धिजीवी लोगों के सहयोग से पंचायत के विकास के लिए सरकारी योजना को जमीनी रूप देने का प्रयास किया गया है। सभी वार्ड में सड़क, पानी, बिजली, राशन कार्ड, वृद्ध पेंशन, प्रधानमंत्री आवास समेत अन्य योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य किया गया है। पंचायत वासियों के स्वास्थ्य की चिता है। इन सुविधाओं का लाभ भी लोगों को जल्द ही मिलेगा।

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