भारत के बाहर भी पंख फैला रहा Koo: ट्विटर को बैन करने के बाद भारतीय प्लेटफॉर्म पर नाइजीरिया की सरकार

ट्विटर को लेकर हुए हालिया विवाद और उसकी एकपक्षीय वैचारिक स्वतंत्रता का बड़ा फायदा भारतीय माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘कू (Koo)’ को हुआ है। Koo को गूगल प्ले स्टोर से लगभग 5 मिलियन से ज्यादा यूजर्स डाउनलोड कर चुके हैं। इतना ही नहीं Koo अब भारत ही नहीं, विदेशों में भी पसंद किया जा रहा है।

हाल ही में ट्विटर को बैन करने वाले अफ्रीकी देश नाइजीरिया की सरकार ने Koo पर अपना अकाउंट बनाया है। इसकी जानकारी खुद Koo के को-फाउंडर और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्णा ने ट्वीट कर दी है।

अप्रमेय ने अपने साथी और Koo के को-फाउंडर मयंक को टैग करते हुए लिखा, “Koo इंडिया पर नाइजीरिया की सरकार के ऑफिशियल हैन्डल का स्वागत है। अब (Koo) भारत के बाहर भी पंख फैला रहा है।“  

गुरुवार (10 जून) को नाइजीरिया की सरकार ने भारतीय माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कू पर अपना ऑफिशियल सोशल मीडिया (@nigeriagov) अकाउंट खोला। फिलहाल इस अकाउंट के 4,700 से अधिक फॉलोअर भी हो चुके हैं।

कू पर नाइजीरिया की सरकार का ऑफिशियल अकाउंट

ज्ञात हो कि नाइजीरिया के राष्ट्रपति ने अनिश्चितकाल के लिए Twitter को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया था। ‘गल्फ ऑफ गिनी’ में स्थित अफ़्रीकी मुल्क ने कहा कि ट्विटर उसके ‘कॉर्पोरेट अस्तित्व’ को ठेस पहुँचा रहा था, इसीलिए ये कार्रवाई की गई। Twitter ने वहाँ के राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी के एक बयान को डिलीट कर दिया था, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई।

नाइजीरिया द्वारा ट्विटर को बैन करने के बाद Koo के सीईओ अप्रमेय ने ही ट्वीट करके बताया था कि नाइजीरिया में भी Koo सोशल मीडिया यूजर्स के लिए उपलब्ध है। साथ ही अप्रमेय ने यह भी कहा था कि उनकी टीम Koo पर नाइजीरिया की स्थानीय भाषा उपलब्ध कराने पर भी विचार कर रही है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई केन्द्रीय मंत्री, मीडिया समूह, पत्रकार, लेखक, नेता और कई अभिनेता भी Koo पर सक्रिय हैं। हाल ही में कू ने 30 मिलियन डॉलर (लगभग 219.20 करोड़ रुपए) की फंडिंग प्राप्त की जिसके बाद कंपनी की वैल्यू 150 मिलियन डॉलर (1096 करोड़ रुपए) की हो गई है।

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