‘भारत के CoWIN पोर्टल में दुनिया के 76 देश दिखा चुके हैं दिलचस्पी, वैक्सीन सर्टिफिकेट को पासपोर्ट से भी कर सकेंगे अटैच’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (5 जुलाई 2021) को CoWIN ग्लोबल कॉन्क्लेव को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने CoWIN प्लेटफॉर्म को जल्द ही ओपन-सोर्स बनाने की घोषणा की ताकि सभी इच्छुक देश इसका इस्तेमाल कर सकें। पीएम ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में इस प्लेटफॉर्म को दुनिया के लिए डिजिटल ‘पब्लिक गुड’ की तरह बताया।

कोरोना वैक्सीन के लिए अधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष डॉ. आरएस शर्मा ने द प्रिंट को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि अब तक 76 देशों ने केंद्र सरकार के कोविन पोर्टल के प्रति अपनी रुचि जताई है। प्लेटफॉर्म की उपलब्धता के बारे में बात करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि भारत सरकार इस सफल हो चुके पोर्ट को ओपन सोर्स के रूप में साझा करना चाहती है। लेकिन, इसमें शर्त यह होगी की इस सॉफ्टवेयर के व्यवसायिक इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी या इसे फिर से बेचने के लिए पैक नहीं किया जा सकेगा।

CoWin पोर्टल को लेकर हुए कॉनक्लेव में विभिन्न देशों के 196 अधिकारियों और 41 देशों के 116 डेलीगेट ने हिस्सा लिया। डॉ. शर्मा के मुताबिक इसी साल 16 जनवरी 2021 को लॉन्च किए गए CoWIN पोर्टल की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लॉन्चिंग के केवल चार महीनों में ही इसने करीब 20 करोड़ रजिस्ट्रेशन हासिल किए। 1 जुलाई 2021 तक इस पर 35.4 करोड़ लोग अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके थे।

पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिन देशों ने CoWIN डिजिटल प्लेटफॉर्म को लेकर रुचि दिखाई है, उनमें कनाडा, मैक्सिको, नाइजीरिया, पनामा और युगांडा शामिल हैं।

पासपोर्ट को वैक्सीन सर्टिफिकेट से लिंक करें

इंटरव्यू के दौरान डॉ. शर्मा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए पासपोर्ट को वैक्सीन प्रमाण-पत्रों से जोड़ने की सुविधा को CoWIN पोर्टल पर जल्द ही अपडेट करने की योजना है। इसके अलावा पोर्टल में एक एडिटिंग टैब भी जोड़ा जाएगा, जिससे वैक्सीन सर्टिफिकेट पर पर्सनल डिटेल्स को जोड़ा जा सकेगा।

उन्होंने कहा, “सरकार ने देखा है कि कई मामलों में लोग रजिस्ट्रेशन के दौरान कई तरह की गलतियाँ कर जाते हैं, जैसे अपना नाम, जन्मतिथि आदि। लेकिन अब हम लोगों को अपने वैक्सीन सर्टिफिकेट पर जानकारियों में सुधार करने की अनुमति देंगे।”

डॉ. शर्मा ने आगे कहा, “जिन लोगों ने दो अलग-अलग वैक्सीन के डोज के लिए अलग-अलग अकाउंट्स बनाए हैं, हमने उन नागरिकों के लिए एक ऐसा तंत्र विकसित किया है, जिससे वो अपने सर्टिफिकेट को संयोजित कर सकेंगे।” उन्होंने कहा, “हम अपने अनुभवों से सीखते हुए अपने सभी शेयर धारकों से लगातार फीडबैक ले रहे हैं। कोविन पोर्टल को सभी के लिए एक्सेसिबल बनाने के लिए और अधिक विकसित कर रहे हैं।”

पेटीएम, रिलायंस समेत कई से जुड़ा

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ डॉ. शर्मा ने कहा कि CoWin हर दिन नए रिकॉर्ड बना रहा है। व्यापक रीच के लिए इसे पेटीएम, रिलायंस ग्रुप, जुबिलेंट फूडवर्क्स, आईबीबो, 1 एमजी, मैक्स अस्पताल, एका केयर, अपोलो अस्पताल के साथ जोड़ने के लिए ऑनबोर्ड किया गया है।

डॉ शर्मा ने कहा, “हमें CoWIN के साथ एकीकृत करने के लिए निजी और सरकारी संस्थाओं से अब तक 204 से अधिक आवेदन मिल चुके हैं। इनमें से 148 को स्वीकार भी कर लिया गया है। इनकी एकीकरण की प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है।” उन्होंने बताया कि ये कंपनियाँ यूजर्स को वैक्सीन या वैक्सीनेशन के लिए उपलब्ध स्लॉट को सर्च करने के लिए अनुमति देने में सक्षम होंगी।

सबसे तेज टेक प्लेटफॉर्म

CoWIN ग्लोबल कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए डॉ. शर्मा ने सोमवार (5 जून 2021) को कहा कि उन्हें गर्व है कि पोर्टल दुनिया का सबसे तेज टेक प्लेटफॉर्म बन गया है। उन्होंने कहा, “मुझे यह बताते हुए गर्व होता है कि रिकॉर्ड चार महीनों में 20 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन के साथ CoWIN दुनिया का सबसे तेज टेक प्लेटफॉर्म बन गया है। HTTP पर प्रतिदिन एक अरब से अधिक रिक्वेस्ट प्रतिदिन मिल रही है। इससे इसकी विश्वसनीयता और अधिक बढ़ गई है।”

टीकाकरण अभियान की सफलता के बारे में बात करते हुए शर्मा ने कहा कि भारत 35 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज हासिल कर चुका है। इसमें कम से कम 28.4 करोड़ भारतीयों को कम से कम एक डोज मिल चुका है।

Updated: September 30, 2021 — 10:34 pm

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