भारत बंदः गाजीपुर बॉर्डर पर नाच-गाना के साथ तो टिकरी और सिंघु में शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन

स्टोरी हाइलाइट्स

  • गाजीपुर बॉर्डर पर ढोल-नाच के साथ प्रदर्शन किया
  • दिल्ली के बॉर्डर पर किसान प्रदर्शन के 4 महीने पूरे
  • बंदा का पंजाब और हरियाणा में दिखा व्यापक असर

कृषि कानूनों के खिलाफ कई बॉर्डर्स पर किसानों के आंदोलन के 4 महीने पूरे होने पर आज शुक्रवार को एक दिवसीय भारत बंद बुलाया गया. हालांकि आंदोलनकारियों ने कई जगहों पर सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, लेकिन पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर विरोध और उत्सव का मिश्रित माहौल रहा. जबकि दिल्ली समेत देशभर के ज्यादातर हिस्सों में बंद का खास असर नहीं रहा.

होली का त्यौहार आने में अभी कुछ ही दिन शेष है, लेकिन प्रदर्शनकारी किसान कलरफूल मोड में आ गए हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संभल जिले से आए किसानों का एक ग्रुप नांच-गाने के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहा था. उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग 24 को सुबह 6 बजे से ब्लॉक करना शुरू किया लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, विरोध-प्रदर्शन एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में बदल गया.

ढोल और तासा जैसे वाद्य यंत्रों को विरोध स्थल पर लोग पहुंचे हुए थे. जल्द ही उन्होंने सड़क पर ही पारंपरिक लोक गीतों को गाना शुरू कर दिया. गानों और वाद्ययंत्रों की धुन पर ग्रुप ने डांस करना शुरू कर दिया और यह सामान्य विरोध की जगह मनोरंजक विरोध-प्रदर्शन बन गया जिसमें नारेबाजी और इस तरह की अन्य गतिविधियां होती हैं.

गाजीपुर में प्रदर्शन करते किसान

भारतीय किशन यूनियन के यूपी प्रमुख राजबीर सिंह जादौन ने बताया कि कई किसान केवल दिल्ली के बॉर्डर्स पर ही होली मनाने की योजना बना रहे हैं और हम पिछले कुछ दिनों से सांस्कृतिक कार्यक्रम कर रहे हैं. कई जिलों से आई टीमें हैं जो होली समारोह में हिस्सा लेंगी और आज आपने जो देखा वह सिर्फ उन तैयारियों की एक झलक है.

गाजीपुर में प्रदर्शन करते किसान

संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से भारत बंद का आह्वान किया गया था जिसका कई संगठनों ने समर्थन किया था. इस बीच, एनएच-24 के उस हिस्से के बीच में आने वाले सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सड़क को अवरुद्ध कर दिया, जो कुछ दिन पहले ही खोली गई थी और  यह सड़क गाजियाबाद को दिल्ली से जोड़ती है. इससे दैनिक यात्रियों को दिल्ली और गाजियाबाद के बीच आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. आनंद विहार और कैनाल रोड पर भी भारी ट्रैफिक जाम देखा गया, जो गाजियाबाद को नोएडा और दिल्ली से जोड़ने के लिए वैकल्पिक मार्ग प्रदान करता है.

टिकरी बॉर्डर

राष्ट्रीय राजधानी के बॉर्डर टिकरी बॉर्डर पर किसान यूनियनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद का शुक्रवार को न्यूनतम असर रहा. इलाके में भारी पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के बीच, किसी भी प्रदर्शनकारी को दिल्ली के अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी.

टिकरी बॉर्डर पर सुरक्षा के भारी इंतजाम किए गए थे

इसके अलावा, किसी भी यात्री को विरोध स्थल की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई क्योंकि स्थानीय लोगों द्वारा स्थानीय लोगों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की कई घटनाएं हो चुकी हैं. भारी सुरक्षा और निषेधात्मक आदेशों के कारण, प्रदर्शनकारी हरियाणा के बहादुरगढ़ की ओर बढ़ गए, जहां उन्होंने ट्रेनों की आवाजाही को अवरुद्ध करने की कोशिश की.

एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमारा विरोध शांतिपूर्ण है. हम नहीं चाहते कि कोई अप्रिय घटना घटे. सभी चाहते हैं कि सरकार तीनों नए कृषि बिलों को निरस्त करे.

इन सड़कों को अवरुद्ध करने के बारे में किसान यूनियनों की घोषणा के बावजूद आस-पास की सड़कों पर यातायात सामान्य रूप से बना रहा. पुलिस ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है.

सिंघु बॉर्डर

सिंघु बॉर्डर पिछले चार महीनों से किसानों के लिए एक तरह से घर बन चुका है. यहां पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड्स लगाए थे, लेकिन वाहनों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा.

सिंघु बॉर्डर पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे

बैरिकेड्स पार करने के लिए आईकार्ड देखे जा रहे थे और उनकी जांच भी की गई जबकि बिना वैध आईडी वाले लोगों को वैकल्पिक रास्ते पर जाने के लिए कहा गया.

कुल मिलाकर भारत बंद कुछ जगहों पर ही ज्यादा प्रभावी रहा. भारत बंद के दौरान, किसानों ने पंजाब और हरियाणा में कई स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) और अन्य प्रमुख सड़कों को ब्लॉक कर दिया और कई स्थानों पर रेल ट्रैक को बाधित करने की कोशिश की. रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि बंद को देखते हुए चार शताब्दी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया जबकि 35 अन्य यात्री ट्रेनों को बंद कर दिया गया. विरोध प्रदर्शनों की वजह से 40 माल गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई.

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सिकंदरपुर बस्ती में विरोध प्रदर्शन कर रहे सीपीआई (एम-एल) के 20 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया. हालांकि, दिल्ली में बंद का न्यूनतम असर रहा. 

 

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