मंदिर में तोड़फोड़, पत्रकार को पीटा: कोलकाता के कई इलाकों में हिंसा, राज्यपाल ने ममता सरकार में कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

कोलकाता के बालीगंज तिलजला (Ballygunge Tiljala) और चंदननगर में गुरुवार (जून 10, 2021) को दो समुदायों के बीच हिंसा भड़क गई। दक्षिण-पूर्वी कोलकाता में इस घटना के बाद सुरक्षाकर्मियों की एक बड़ी टुकड़ी को तैनात किया गया। इस मामले में पुलिस ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि मामले को सुलझाने के लिए दोनों समुदायों के लोगों की बैठक बुलाई गई है।

देर रात तक ये बैठक चलती रही। डिप्टी कमिश्नर सुदीप सरकार ने सांप्रदायिक दंगे की बाते स्वीकार करते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारी मौके पर कैम्प कर रहे हैं और लोगों के आवागमन व बाहर निकलने पर फ़िलहाल रोक लगाई गई है। राज्यपाल जगदीप धनखड़ के संज्ञान में भी ये घटना आई। इस घटना के वीडियो भी वायरल हुए हैं, जिसमें पुलिसकर्मियों को गिरफ़्तारी करते देखा जा सकता है। साथ ही लाठीचार्ज की घटना भी कैमरे में कैद हो गई।

हालाँकि, इस दौरान लोगों ने पुलिस को भी नहीं बख्शा और उनकी गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। धनखड़ ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। हुगली के चंदननगर में बुधवार को हुई हिंसा की घटना का भी उन्होंने जिक्र किया। उन्होंने सीएम ममता बनर्जी से शांति-व्यवस्था बरक़रार रखने के लिए कदम उठाने व कोलकाता पुलिस से स्थिति संभालने को कहा। उन्होंने दोषियों को सज़ा देने की सलाह देते हुए कहा कि अराजकता लोकतंत्र का दुश्मन है।

उन्होंने जानकारी दी कि भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी की गाड़ी को भी निशाना बनाया गया है और उनके साथ भी दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने इस मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए। लॉकेट चटर्जी चंदननगर पहुँची थीं, जहाँ तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के गुंडों पर उनकी गाड़ी घेर कर नारेबाजी और तोड़फोड़ करने का आरोप लगा। वहीं नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने जानकारी दी कि तिलजला में एक पत्रकार के साथ बदसलूकी हुई है।

उन्होंने लिखा कि अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने वाले और पत्रकारिता करने वालों पर भी हमले हो रहे हैं। वहीं तृणमूल नेताओं ने इन घटनाओं पर चुप्पी साध रखी है। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मियों समेत कुल एक दर्जन लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। साथ ही 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। चंदननगर के उर्दीबाजर में 5, 6, 7, 11 और 12 में धारा-144 भी लगाई गई है।

एक अवैध दुकान के मालिक और ग्राहकों के बीच किसी चीज के दाम को लेकर हुए झगड़े ने बड़ा रूप ले लिया। इसके कुछ देर बाद ही एक समुदाय के लोग बोतल और पत्थर लेकर फेंकने लगे। अमल बढ़ गया और पुलिस पर पत्थरबाजी तक जा पहुँचा। वहीं स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता देवदत्त माजी ने बताया कि शनि काली मंदिर में तोड़फोड़ की गई है। उन्होंने बताया कि स्थानीय इस्लामी कट्टरवादियों ने मंगलवार को दिन-दहाड़े ऐसा किया।

उन्होंने बताया कि प्रतिमाओं को खंडित कर दिया गया और मंदिर की दीवारों को तोड़ डाला गया। उन्होंने बताया कि हजारीगली में हिंदू अभी भी फँसे हुए हैं। उन्होंने हिंदुओं को बचाने के लिए तुरंत एक्शन लेने की माँग करते हुए एक विडिओ शेयर किया, जिसमें लोग इधर-उधर भागते दिख रहे हैं और चारों तरफ धुआँ फ़ाइल हुआ है। देशी बम भी फोड़े गए। ‘होपलेस बंगाली हिंदू’ ट्विटर पेज ने तिलजला के मस्जिदबारी लेन में स्थित काली मंदिर का वीडियो साझा किया।

विडिओ फुटेज से स्पष्ट है कि प्रतिमाओं को खंडित किया गया है और बदमाशों ने मंदिर के दरवाजे को भी तोड़ने का प्रयास किया। उसने हमले का दिन बुधवार बताया। हालाँकि, ऑपइंडिया इसकी पुष्टि नहीं करता है। वहीं जिस पत्रकार की पिटाई की गई है, उनका नाम संजीब बसु है। शुभेन्दु अधिकारी ने बताया कि वो तिलजला की घटना कवर कर रहे थे, इसीलिए उन पर हमला हुआ। अंजिब बसु ने बताया कि उनके साथी की भी पिटाई की गई।

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