महाराष्ट्र की राजनीति पर 8 मजेदार वीडियो, जिनसे नाराज़ होकर सेंसरशिप पर उतरी उद्धव सरकार: ट्विटर ने भी यूजर को भेजा नोटिस

राजनीति में हँसी-मजाक का दौर चलता रहता है और जब तक ये किसी के व्यक्तिगत जीवन को निशाना नहीं बनाता तब तक ये मान्य है। हाँ, तानाशाहों ने ज़रूर अपनी सरकार बनते ही सबसे पहले अपने कार्टूनों पर प्रतिबंध लगाने का कार्य किया है। अब ऐसा ही कुछ वाकया महाराष्ट्र सरकार को लेकर हुआ है। ‘Political Keeda’ नामक ट्विटर हैंडल ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लेकर हँसी-मजाक क्या किया, ट्विटर ने उन्हें नोटिस भेज दी।

ट्विटर ने अपनी नोटिस में कहा है कि उसे भारत (महाराष्ट्र सरकार) से एक निवेदन प्राप्त हुआ है, जिसमें बताया गया है कि उनके 8 ट्ववीट्स ऐसे हैं जो भारतीय कानून का उल्लंघन करते हैं। ट्विटर ने अपनी इस नोटिस के पीछे ‘पारदर्शिता’ का बहाना बनाया है। हालाँकि, अभी तक उसने इन ट्वीट्स के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया है लेकिन जब उसे किसी प्रशासनिक व्यवस्था से कोई सूचना मिलती है तो वो यूजर्स को इस बारे में बताता है।

ट्विटर ने कहा है कि ऐसी सूचनाओं के मिलने के बाद वो यूजर से उस कंटेंट को हटाने के लिए कहता है, भले ही यूजर उस देश में रहता हो या नहीं। साथ ही उसने यूजर्स की आवाज़ का बचाव करने और इसके सम्मान करने की बात भी कही है। यहाँ हम आपको बता रहे हैं कि ऐसे कौन से 8 शॉर्ट वीडियो स्पूफ हैं, जिसे महाराष्ट्र की शिवसेना सरकार और ट्विटर को नाराज़ कर दिया। ये सारे के सारे वीडियो बड़े ही मजेदार हैं।

8 शॉर्ट वीडियो, जिससे नाराज़ होकर सेंसरशिप पर उतरी MVA सरकार

देवेंद्र फड़नवीस और अजीत पवार को लेकर ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के डायलॉग्स के आधार पर ये मीम बनाया गया:

तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ नरेंद्र मोदी की मुलाकात के दौरान राहुल गाँधी, उद्धव ठाकरे और शरद पवार की तस्वीरें एडिट कर वीडियो बनाया गया:

बॉलीवुड कैसे हमेशा उद्धव ठाकरे की वाहवाही करता है, इसे दर्शाने के लिए ‘ओम शांति ओम’ फिल्म के दृश्य का कुछ यूँ सहारा लिया गया:

किस तरह वामपंथी मीडिया शिवसेना सुप्रीमो का गुणगान करता है, वो देखिए:

महाराष्ट्र में कोरोना स्थिति कितनी बदतर हुई ये सभी को पता है, लेकिन फिर भी लिबरल गिरोह ने उद्धव ठाकरे का गुणगान करते हुए उनकी कोरोना प्रबंधन रणनीति की प्रशंसा की। ‘पोलिटिकल कीड़ा’ ने उद्धव ठाकरे की ‘मेहनत’ को कुछ यूँ दिखाया:

बालासाहब ठाकरे खुद इसके विरोधी थे कि सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर के पत्रकारों को तंग किया जाए, क्योंकि वो खुद एक बड़े कार्टूनिस्ट थे। लेकिन, अर्णब गोस्वामी के खिलाफ FIR दर्ज कर के उन्हें जिस तरह से घर से उठाया गया और जेल भेज दिया गया, वो सबने देखा। कुछ इस तरह सीएम उद्धव को उनके पिता के बयान की याद दिलाई गई:

महाराष्ट्र की बदतर स्थिति के बावजूद कोरोना काल में किस तरह सरकार की तारीफें की गईं, इसे महाराष्ट्र की MVA सरकार के 1 वर्ष पूरे होने पर बनाए गए इस वीडियो से समझिए:

महाराष्ट्र में किस तरह कोरोना ने तबाही मचाई और इस दौरान सरकार क्या करती रही, इसे दिखाने के लिए इस वीडियो का सहारा लिया गया:

इसी तरह सीएम उद्धव ठाकरे को ‘बेस्ट सीएम’ बताए जाने को लेकर राजनीतिक कार्टूनिस्ट और व्यंग्यकार विकासो (Vikaso) , यूजनरनेम @vikasopikaso ने एक कार्टून बनाया था, जिस पर उन्हें ट्विटर ने को नोटिस भेज दिया था। ट्विटर ने कहा था, ‘यह भारत के कानून का उल्लंघन करता है।’ वामपंथ से इतर विचार रखने वाले यूजर्स के अकाउंट मनमाने ढंग से सस्पेंड करने का ट्विटर का इतिहास रहा है।

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