‘मैं 13 साल की थी जब शुरू हुआ मेरा यौन शोषण’: 7 महिला एथलीट ने तमिलनाडु के कोच नागराजन पर लगाए आरोप

राष्ट्रीय स्तर की 19 वर्षीय एथलीट ने करीब दो महीने पहले तमिलनाडु के अपने कोच पी नागराजन पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। इस घटना के दो महीने बाद 7 अन्य महिला एथलीटों ने अपने पूर्व कोच नागराजन पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आरोप लगाने वाली सातों एथलीट ने 59 वर्षीय नागराजन से प्रशिक्षण लिया था। इनमें कुछ तो अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं। इन खिलाड़ियों का कहना है कि नागराजन द्वारा किए गए यौन शोषण का मामला कोई नया नहीं है, बल्कि यह वर्षों से चल रहा है।

यौन शोषण के मामले में पहला आरोप दो महीने पहले 26 मई 2021 को नेशनल लेवल की 19 वर्षीय एथलीट ने लगाया था। इसको लेकर राजनीतिक विश्लेषक और खेल कमेंटेटर टीएन रघु ने एक ट्वीट किया था। इसमें रघु ने राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को भी टैग किया था।

19 वर्षीय एथलीट द्वारा यौन शोषण के मामले की शिकायत किए जाने के बाद कोच नागराजन ने कथित तौर पर नींद की गोलियाँ खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की थी। हालाँकि, वो बच गए और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ आईपीसी और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

2005 से यौन शोषण

इस मामले में डिप्टी पुलिस कमिश्नर एस महेश्वरन ने बताया है कि यौन शोषण का मामला 2005 से चल रहा है। इस मामले में दर्ज की गई पहली शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2013 से 2020 के बीच आरोपित कोच ने एथलीट का यौन शोषण किया था। उसके अलावा, उन्हें नागराजन के खिलाफ इसी तरह की सात और शिकायतें मिली हैं। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की जाँच करने वाली विशेष शाखा की डीसीपी एच जयलक्ष्मी ने कहा, “हर शिकायत से आरोपित की हिंसक प्रवृत्ति का खुलासा हो रहा है।”

पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने कहा, “शिकायत करने वाली एथलीट समेत कई अन्य लड़कियाँ साल 2013 से नागराजन के पास ट्रेनिंग ले रही थीं। कई मौकों पर आरोपित (नागराजन) दिन की ट्रेनिंग के बाद बाकी लड़कियों को घर भेज देता था और पीड़िता को एक छोटे कमरे में ले जाकर फिजियोथेरेपी के बहाने से गलत तरीके से छूता था। पीड़िता के विरोध और विनती के बाद आरोपित ने उस धमकाया था कि वह उसे एथलेटिक्स में सफल होने में तभी मदद करेगा, जब वह उसके साथ सहयोग करेगी। दूसरी लड़कियों के साथ भी यही हुआ।”

बयान में यह भी कहा गया है कि आरोपित कोच नागराजन ने एथलीट को धमकाया था कि वह उसकी ट्रेनिंग रोक देगा और उसका करियर तबाह हो जाएगा। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पुलिस ने बयान में कहा कि पीड़िता मानसिक तनाव से गुजर रही थी, इसीलिए उसने किसी से भी यौन उत्पीड़न की वारदात का जिक्र तक नहीं किया।

तमिलनाडु के कोच पी नागराजन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वालों में शामिल एक अन्य एथलीट ने दावा किया है कि कोच ने 13 साल की उम्र से उसका यौन शोषण करना शुरू कर दिया था और यह सब करीब 7 साल तक चला।

अब 30 साल की हो चुकी पूर्व एथलीट ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “जब मैं 8वीं कक्षा में थी तब नागराजन ने मुझसे मेरी लंबी कूद की तकनीक को और बेहतर बनाने के लिए कहा था। उन्होंने मुझे दूसरे लोगों से एक घंटा पहले आने को कहा था। इसलिए अगर सभी शाम 4 बजे आते थे तो मैं 3 बजे ही वहाँ पहुँच जाती थी। वह करीब 4 बजे मुझे कहते कि ऐसा दिखाओ जैसे वह मिलने आई हो। ठीक ऐसा जैसे मुझे कोई विशेष ट्रेनिंग मिल रही हो, लेकिन वह नहीं चाहते थे कि इसके बारे में कोई जाने, क्योंकि वे परेशान हो सकते थे। हलाँकि, मैं अभी भी टीम का हिस्सा थी और मैं अपने दोस्तों को खोना नहीं चाहती थी।”

एथलीट ने कहा कि नागराजन से एनओसी मिलने के बाद उसने दूसरे ट्रैक और फील्ड को ज्वाइन करने का फैसला किया। नागराजन ने उसके साथ जिस तरह का बर्ताव किया था उसके लिए उन्होंने सामना होने पर माफी भी माँगी थी। एथलीट ने बताया कि जब वो दूसरे क्लब में चली गईं तो उनकी मुलाकात अन्य एथलीटों से भी हुई, जिनके साथ भी इसी तरह दुर्व्यवहार हुआ था।

पूर्व एथिलीट ने कहा, “मैं सोच रही थी कि केवल मैं ही ऐसी हूँ, जिसके साथ हुआ… मुझे लगा था कि मेरे साथ ये सब रुक जाएगा। इस घटना ने मुझे तोड़कर रख दिया है। गाँवों से आने वाली लड़कियों की अपेक्षा मुझमें थोड़ी जागरुकता थी, लेकिन मुझे बहुत शर्म आती है कि मैं इतना साहसी नहीं थी।”

जिस तरीके से कई पूर्व खिलाड़ी अपने साथ हुए बर्ताव को साझा करने के लिए आगे आए हैं उससे अब इस खिलाड़ी को उम्मीद है कि ये सब बंद हो जाएगा। उसने कहा, “आखिरकार हमने उसे पकड़ लिया। मैं नहीं जानती हूँ कि उसका क्या होगा, लेकिन इतना जरूर है कि उसके चेहरे से नकाब उतर गया है। अब मुझे उम्मीद है कि वो फिर किसी लड़की को इस तरह से नहीं छुएगा।”

Updated: October 1, 2021 — 10:07 am

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