मोदी सरकार की ‘प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप’ योजना में जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के 6 शोधार्थियों का चयन

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय (JMI) के छह रिसर्च स्कॉलर्स को मोदी सरकार की दिसंबर 2020 की लैटरल एंट्री स्कीम के तहत प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के लिए चुना गया है।

जामिया मिलिया इस्लामिया (जेएमआई) विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि मोदी सरकार ने पीएमआरएफ योजना के तहत छह छात्रों – फौजिया तबस्सुम, मोमिना, अजरा मलिक, फिरोज खान, आलिया तैयब और आशी सैफ को सेलेक्ट किया है। जिन रिसर्च स्कॉलर्स का चयन किया गया है कि ये सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड नैनो टेक्नोलॉजी और सेंटर फॉर इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च इन बेसिक साइंसेज के विभागों से थे।

छह छात्रों के चयन पर खुशी जाहिर करते हुए जामिया की कुलपति नजमा अख्तर ने कहा कि छह में से पाँच शोधार्थी छात्राएँ हैं। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि ये कितना अच्छा काम कर रहे थे।

चांसलर ने आगे कहा, “मुझे उम्मीद है कि यह दूसरे छात्रों, खासकर विश्वविद्यालय की लड़कियों को साइंस और रिसर्च में प्रेरित करेगा। जामिया अपने छात्रों को सफलता की नई उँचाइयों तक पहुँचाने के लिए कड़ी मेहनत करता है।” इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय के स्कॉलर्स की इस बड़ी उपलब्धि के लिए पीएमआरएफ के समन्वयक जेएमआई के प्रोफेसर अब्दुल कयूम अंसारी की भी प्रशंसा की है।

गौरतलब है कि पीएमआरएफ योजना के तहत जिन छात्रों को सेलेक्ट किया गया है, उन्हें पहले दो साल के लिए हर महीने 70,000 रुपए मिलेंगे। तीसरे वर्ष के लिए 75,000 रुपए, चौथे और पाँचवें वर्ष के लिए क्रमशः 80,000 रुपए की प्रति माह फेलोशिप मिलेगी।

इसके अलावा हर फेलो को साल में रिसर्च के लिए 2 लाख रुपए का अनुदान मिलेगा। ऐसे में हर रिसर्चर को पाँच साल में 10 लाख रुपए का अनुदान मिलेगा। इससे पहले मई 2020 में, जामिया के दो छात्रों – मरिया खान और अबगीना शब्बीर, दोनों को सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड नैनो टेक्नोलॉजी (CNN) से फेलोशिप के लिए चुना गया था।

कब शुरू हुई यह योजना

मेधावी छात्रों को रिसर्च के क्षेत्र में लाने के लिए भारत सरकार ने 2018 में प्रधान मंत्री रिसर्च फेलोशिप (पीएमआरएफ) योजना शुरू की थी। इसके तहत सेलेक्टेड छात्र को आईआईटी, आईआईएसईआर और आईआईएससी में पीएचडी के लिए सीधे एडमिशन मिलता है।

इस योजना का उद्देश्य देश की जरूरतों को देखते हुए प्रतिभाओं को पीएचडी के लिए आकर्षित करना है। पीएमआरएफ योजना के तहत देश के सभी आईआईटी, आईआईएसईआर, इंडियन इस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु समेत कुछ केंद्रीय विश्वविद्यालय और एनआईटी शामिल हैं, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी डिग्री देते हैं।

Updated: November 26, 2021 — 6:27 pm

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