यात्रियों को अभी करना होगा इंतजार, मार्च से शुरू हो सकती हैं सभी पैसेंजर ट्रेनें

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : पेक्सेल्स

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लॉकडाउन के बाद से ही देश में सभी तरह की पैसेंजर ट्रेनें बंद हैं। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए केवल स्पेशल ट्रेनें ही चलाई जा रही हैं। यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए रेलवे मार्च से सभी ट्रेनों को फिर शुरू कर सकता है। वहीं आने वाले एक माह के भीतर दिल्ली से हरियाणा और राजस्थान के शहरों के लिए चलने वाली सबअर्बन ट्रेन सेवा भी शुरू की जा सकती है।
  
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन सेवा शुरू करने को लेकर रेलवे लगातार राज्यों से संपर्क में है। लेकिन राज्यों की तरफ से कोरोना संक्रमण को देखते हुए कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा रहा है। कई बड़े राज्यों ने कहा कि जिस भी शहर में कोरोना के केस में कमी आ रही है वहां धीरे-धीरे पैसेंजर ट्रेनें शुरू की जा सकती हैं। अधिकांश राज्य इसे धीरे-धीरे शुरू करने के पक्ष में हैं। 

यात्रियों की मुश्किलों को देखते हुए भारतीय रेलवे लोकल ट्रेन सेवा को भी जल्द शुरू करने पर विचार कर रहा है। एक महीने में दिल्ली से हरियाणा और राजस्थान के शहरों में जाने वाली लोकल सबअर्बन ट्रेन सेवा को फिर से शुरू किया जा सकता है।  रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि वर्तमान में रेलवे सिर्फ 65 प्रतिशत ट्रेनों का ही संचालन कर रहा है। 

वहीं यात्रियों की सुविधा को देखते हुए भारतीय रेलवे हर महीने 100 से ज्यादा ट्रेनों को भी शुरू कर रहा है। हालांकि, पूरी तरह व्यवस्था को पहले जैसा होने में मार्च तक समय लग सकता है। 

कोरोना काल में रेलवे सीमित संख्या में यात्री रेलगाड़ियों का परिचालन कर रहा है। जिससे उसे राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है। रेलवे को यात्रियों से होने वाली आय इस साल 87 फीसदी घटकर सिर्फ 4,600 करोड़ रुपये रह गई जबकि पिछले साल यह 53,000 करोड़ थी। हालांकि रेलवे ने  खाद्यान्न और उर्वरकों जैसी गैर-पारंपरिक वस्तुओं की ढुलाई में वृद्धि से आमदनी बढ़ाई है।

वहीं रेलवे ने अपने नुकसान की भरपाई और बाजारों तक जरूरी सामानों को पहुंचाने के लिए फ्रेट लोडिंग में बढ़ोत्तरी दर्ज की है। दिसंबर 2019 के मुकाबले गत दिसंबर में रेलवे ने 8.54 फीसदी अधिक सामान की लोडिंग की। दिसंबर 2020 में रेलवे ने 118.13 मिलियन टन सामान का लदान किया। जबकि रेलवे ने दिसंबर 2019 में 108.84 मिलियन टन सामानों को गंतव्य तक पहुंचाया था। इससे रेलवे की कमाई भी 6.87 फीसदी अधिक बढ़ी है।

दिसंबर 2020 में रेलवे ने 11788.11 करोड़ रुपये की कमाई की है। जबकि दिसंबर 2019 में रेलवे ने माल लोडिंग से 11030.37 करोड़ रुपये राजस्व अर्जित किया था। यानी पिछले साल के मुकाबले दिसंबर 2020 में रेलवे ने 757.74 करोड़ रुपए अधिक की कमाई की है।

लॉकडाउन के बाद से ही देश में सभी तरह की पैसेंजर ट्रेनें बंद हैं। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए केवल स्पेशल ट्रेनें ही चलाई जा रही हैं। यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए रेलवे मार्च से सभी ट्रेनों को फिर शुरू कर सकता है। वहीं आने वाले एक माह के भीतर दिल्ली से हरियाणा और राजस्थान के शहरों के लिए चलने वाली सबअर्बन ट्रेन सेवा भी शुरू की जा सकती है।

  

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन सेवा शुरू करने को लेकर रेलवे लगातार राज्यों से संपर्क में है। लेकिन राज्यों की तरफ से कोरोना संक्रमण को देखते हुए कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा रहा है। कई बड़े राज्यों ने कहा कि जिस भी शहर में कोरोना के केस में कमी आ रही है वहां धीरे-धीरे पैसेंजर ट्रेनें शुरू की जा सकती हैं। अधिकांश राज्य इसे धीरे-धीरे शुरू करने के पक्ष में हैं। 

यात्रियों की मुश्किलों को देखते हुए भारतीय रेलवे लोकल ट्रेन सेवा को भी जल्द शुरू करने पर विचार कर रहा है। एक महीने में दिल्ली से हरियाणा और राजस्थान के शहरों में जाने वाली लोकल सबअर्बन ट्रेन सेवा को फिर से शुरू किया जा सकता है।  रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि वर्तमान में रेलवे सिर्फ 65 प्रतिशत ट्रेनों का ही संचालन कर रहा है। 

वहीं यात्रियों की सुविधा को देखते हुए भारतीय रेलवे हर महीने 100 से ज्यादा ट्रेनों को भी शुरू कर रहा है। हालांकि, पूरी तरह व्यवस्था को पहले जैसा होने में मार्च तक समय लग सकता है। 

कोरोना काल में रेलवे सीमित संख्या में यात्री रेलगाड़ियों का परिचालन कर रहा है। जिससे उसे राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है। रेलवे को यात्रियों से होने वाली आय इस साल 87 फीसदी घटकर सिर्फ 4,600 करोड़ रुपये रह गई जबकि पिछले साल यह 53,000 करोड़ थी। हालांकि रेलवे ने  खाद्यान्न और उर्वरकों जैसी गैर-पारंपरिक वस्तुओं की ढुलाई में वृद्धि से आमदनी बढ़ाई है।

वहीं रेलवे ने अपने नुकसान की भरपाई और बाजारों तक जरूरी सामानों को पहुंचाने के लिए फ्रेट लोडिंग में बढ़ोत्तरी दर्ज की है। दिसंबर 2019 के मुकाबले गत दिसंबर में रेलवे ने 8.54 फीसदी अधिक सामान की लोडिंग की। दिसंबर 2020 में रेलवे ने 118.13 मिलियन टन सामान का लदान किया। जबकि रेलवे ने दिसंबर 2019 में 108.84 मिलियन टन सामानों को गंतव्य तक पहुंचाया था। इससे रेलवे की कमाई भी 6.87 फीसदी अधिक बढ़ी है।

दिसंबर 2020 में रेलवे ने 11788.11 करोड़ रुपये की कमाई की है। जबकि दिसंबर 2019 में रेलवे ने माल लोडिंग से 11030.37 करोड़ रुपये राजस्व अर्जित किया था। यानी पिछले साल के मुकाबले दिसंबर 2020 में रेलवे ने 757.74 करोड़ रुपए अधिक की कमाई की है।

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