‘ये संविधान का कसाई है… इसे उसी प्रेसिडेंसी जेल में डाला जाएगा’: बंगाल के गवर्नर पर TMC बौखलाई

पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा को लेकर सवाल उठाने और नारदा केस में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के मंत्रियों-विधायक पर सीबीआई की कार्रवाई के बाद सत्ताधारी दल ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इसी क्रम में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने एक बार फिर गवर्नर के लिए अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया है। पार्टी कार्यकर्ताओं को राज्यपाल के खिलाफ एफआईआर करने के लिए उकसाते हुए बनर्जी ने उन्हें संविधान का कसाई बताया है।

बनर्जी ने कहा, “इस राज्यपाल ने जो भी किया है वो असंवैधानिक ही नहीं है, बल्कि ऐसा है जो पहले कभी नहीं हुआ। ये राज्यपाल भारतीय संविधान के लिए कसाई है। मुझे पता है राज्यपाल के विरुद्ध किसी भी तरह का आपराधिक मुकदमा नहीं हो सकता, लेकिन फिर भी सबसे कहूँगा कि हर थाना में इसके खिलाफ डायरी करके रखें। जिस दिन वो राज्यपाल नहीं रहेगा, उसी दिन से केस शुरू किया जाएगा और इसे उसी प्रेसीडेंसी जेल में डाला जाएगा।”

टीएमसी सांसद ने आगे कहा, “मैं बंगाल के हर व्यक्ति से अनुरोध करूँगा कि इस राज्यपाल ने जिस तरह का काम किया है, आप लोग हर थाना में डायरी करके रखें। मुझे पता है आज केस नहीं शुरू किया जा सकता पर जिस दिन ये राज्यपाल से भूतपूर्व राज्यपाल होगा, माने जब केवल जगदीप धनखड़ रहेगा, तब इसे प्रेसीडेंसी जेल में डाला जा सकेगा”

राज्यपाल धनखड़ ने ट्वीट कर कहा है कि वे इस बयान से ‘स्तब्ध’ हैं। एक वरिष्ठ सांसद, वकील और तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता के इस तरह के बयान ने उन्हें अचंभित कर दिया है।

इससे पहले बनर्जी ने राज्यपाल पर राज्य सरकार से सलाह लिए बिना ही बदले की भावना से कार्रवाई की अनुमति सीबीआई को देने का आरोप लगाया था। उन्होंने राज्यपाल धनखड़ को ‘रक्तपिपासु’ करार देते हुए कहा था कि वे 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी से टिकट के लिए जुगाड़ लगा रहे हैं। उन्होंने कहा था, “उस सनकी राज्यपाल को अब एक मिनट भी यहाँ नहीं रुकना चाहिए। वो एक पागल कुत्ते की तरह घूम रहा है।”

बता दें कि 64 वर्षीय कल्याण बनर्जी खुद कलकत्ता हाई कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। 2019 में पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर लोकसभा क्षेत्र से लगातार तीसरी बार चुनाव जीते थे। 2001 में वो आसनसोल उत्तर से विधायक भी बने थे। कॉमर्स से स्नातक के बाद LLB की डिग्री प्राप्त करने वाले बनर्जी ने TMC के लिए कोर्ट में कई केस लड़े हैं। वो 1981 से ही कलकत्ता हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करते रहे हैं। अक्टूबर 2009 में वो एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ UK और USA भी गए थे। बावजूद उनकी भाषा नारदा केस में कार्रवाई के बाद टीएमसी की बौखलाहट को बयाँ करती है।

गौरतलब है कि ममता बनर्जी की मौजूदा सरकार में मंत्री फिरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी, टीएमसी विधायक मदन मित्रा और पूर्व मेयर शोभन चटर्जी को CBI द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद खुद मुख्यमंत्री जाँच एजेंसी के दफ्तर पहुँच गई थी। पिछले दिनों कलकत्ता हाई कोर्ट ने चारों नेताओं को हाउस अरेस्ट में भेजने के निर्देश दिए थे। अब इनकी जमानत पर हाई कोर्ट की बड़ी बेंच सुनवाई करेगी।

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