वैक्सीन पर प्रोपेगेंडा से राहुल गाँधी फिर नहीं आए बाज, बीजेपी ने बताया- तथ्यों से कंगाल, कुतर्कों का मवाली

कोरोना वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाने वाले कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी पर केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने हमला बोला है। राहुल गाँधी ने शुक्रवार (जुलाई 2, 2021) को सुबह ही वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाया था, “जुलाई आ गई है, लेकिन वैक्सीन नहीं आई।” राहुल गाँधी के इस ट्वीट पर जवाब देते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि आखिर राहुल गाँधी की समस्या क्या है। डॉ. हर्षवर्धन ने लिखा, “मैं कल ही जुलाई महीने में वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर पूरी जानकारी दी थी। आखिर राहुल गाँधी की समस्या क्या है? क्या वह पढ़ते नहीं हैं? या फिर वह समझते नहीं हैं?”

यही नहीं राहुल गाँधी पर तंज कसते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि अहंकार और नजरअंदाज करने के वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है। इसके अलावा डॉ. हर्षवर्धन ने राहुल गाँधी की नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस को अपनी लीडरशिप में बड़े बदलाव के बारे में विचार करना चाहिए।

इससे पहले गुरुवार को भी वैक्सीनेशन पॉलिसी को लेकर उठ रहे सवालों पर डॉ. हर्षवर्धन ने जवाब दिया था। हेल्थ मिनिस्टर ने लिखा था, “मैंने दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन अभियान को लेकर कई नेताओं के गैर-जिम्मेदार बयान देखे हैं। मैं यह कुछ फैक्ट रखता हूँ, जिससे लोगों को इन नेताओं की भावनाओं के बारे में पता लग सकेगा। केंद्र सरकार की ओर से 75 फीसदी फ्री वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी उठाने के बाद से अब तक जून में सरकार ने 11.50 करोड़ डोज मुहैया कराए हैं।”

कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी के ट्वीट पर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि राहुल गाँधी के पास तथ्यों की कंगाली है, इसलिए उनको कुतर्कों का मवाली बना दिया है। आज दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन प्रोग्राम भारत में चल रहा है और सभी समाज के लोग इसमें बढ़-चढ़कर के हिस्सा ले रहे हैं और सामाजिक क्रांति के तौर पर इसको देखा जा रहा है। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी भ्रम का भाव खड़ा करके कंफ्यूजन पैदा करने की कोशिश कर रही है। राहुल गाँधी जिम्मेदार तो है नहीं, इस वजह से इस तरीके का व्यवहार कर रहे हैं इस तरीके का बयान राहुल गाँधी का बंटाधार कर रहा है।

‘राहुल को नफरत का मोतियाबिंद’

भारतीय जनता पार्टी के नेता गौरव भाटिया ने राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार की अगुवाई में वैक्सीनेशन का काम तेज़ी से चल रहा है। पिछले 11 दिनों में औसतन 62 लाख वैक्सीन हर रोज़ लगाई जा रही हैं। गौरव भाटिया ने कहा कि कॉन्ग्रेस की ओर से भ्रम फैलाया जा रहा है, राहुल गाँधी को सदबुद्धि कब आएगी। राहुल गाँधी को नफरत का मोतियाबिंद है। राहुल गाँधी ने कभी कोविड को मोविड कहा, लेकिन हमने कभी रोविड नहीं कहा जो देश को अंदर से खोखला करने में लगा है। 

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “वैक्सीन की 12 करोड़ डोज़ जुलाई महीने में उपलब्ध होंगी, जो प्राइवेट हॉस्पिटल्स की आपूर्ति से अलग है। राज्यों को 15 दिन पहले ही आपूर्ति के बारे में सूचना दी जा चुकी है। राहुल गाँधी को समझना चाहिए कि कोरोना से लड़ाई में गंभीरता के बजाय इस समय ओछी राजनीति का प्रदर्शन उचित नहीं है।”

दिसंबर तक पूरा होगा टीकाकरण?

जानकारी के मुताबिक, जुलाई महीने में केंद्र की ओर से राज्यों को कुल 12 करोड़ के करीब वैक्सीन दी जाएँगी। यानी इस महीने इतनी वैक्सीन की डोज़ लग पाएँगी। अभी देश में 35 करोड़ से अधिक डोज़ लग चुके हैं। ऐसे में जुलाई तक ये आँकड़ा 50 करोड़ के आसपास पहुँच सकता है।

हालाँकि, अभी तक सिर्फ 6 करोड़ लोगों को ही वैक्सीन की दोनों डोज़ लगी हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में दिए अपने हलफनामे में कहा था कि अगस्त से दिसंबर के बीच उसके पास 135 करोड़ से अधिक वैक्सीन उपलब्ध रहेंगी। ऐसे में सरकार का टारगेट दिसंबर तक सभी को वैक्सीन की कम से कम एक डोज़ लगाने का टारगेट है।

Updated: January 1, 2022 — 12:39 pm

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