सपा कार्यकर्ताओं ने यूपी सरकार के मंत्री को धमकाया, गाली-गलौज की; 90 साल की माँ और बेटियों को भी बनाया निशाना: 5 गिरफ्तार

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का शनिवार (3 जुलाई 2021) को जिला परिषद चुनाव परिणाम के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया तेजी से वायरल हुआ था। इसमें वे उत्तर प्रदेश के मंत्री उपेंद्र तिवारी और उनके परिवार को गाली देते हुए नजर आए थे। वायरल वीडियो में सपा कार्यकर्ता जीत के नारे लगा रहे थे, जो बाद में तिवारी के खिलाफ अश्लील नारे लगाने लगे। इसके बाद उन्होंने उनकी 90 वर्षीय माँ, पत्नी और बेटियों के खिलाफ भी अश्लील नारे लगाए।

‘समाज और लोकतंत्र के लिए शर्म की बात’

एएनआई को दिए एक बयान में उपेंद्र तिवारी ने कहा, ”मेरी 90 वर्षीय माँ, बहन, पत्नी और बेटियों को नारे के रूप में गाली दी गई। इसकी योजना अंबिका चौधरी और नारद राय ने बनाई थी।” यूपी के खेल, युवा कल्याण और पंचायती राज मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तिवारी ने कहा कि उन्होंने मुझे गाली देकर, समाज और लोकतंत्र को शर्मसार करने की योजना बनाकर अपनी हताशा के ​संकेत दिए हैं।

सपा कार्यकर्ताओं द्वारा निशाना बनाई जा रहीं तिवारी की पत्नी ने सवाल किया कि नेताओं के परिवारों को राजनीति में क्यों घसीटा जाता है। उन्होंने कहा, ”चाहे आप किसी भी पार्टी से क्यों न हों, परिवार को राजनीति में नहीं घसीटा जाना चाहिए। यह बेहद निंदनीय है। मैं अखिलेश यादव, डिंपल यादव से पूछना चाहती हूँ कि उनके कार्यकर्ताओं को इतनी आजादी कैसे मिली।”

‘लोग इन ‘लाल टोपी’ वालों को गुंडे कहते हैं’

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट किया, ”समाजवादी पार्टी के ये कार्यकर्ता खुलेआम ब्राह्मणों और भाजपा नेताओं की माँ-बहनों को गालियाँ दे रहे हैं। वे इस बात से नाराज हैं कि वे चुनाव कैसे हार गए। ये यूपी के समाजवादियों की चाल, ये है इनका चेहरा और ये है इनका चरित्र। लोग ऐसे ही इन्हें लाल टोपी वाले गुंडे नहीं कहते हैं।” उन्होंने इसके साथ एक वीडियो भी शेयर किया है।

उन्होंने एक और ट्वीट किया कि कैसे विपक्षी दल ट्विटर पर ब्राह्मण विरोधी हैशटैग ट्रेंड कर रहे थे। उन्होंने कहा, ”चुनाव हारने का रोष देखिए, बलिया में ब्राह्मणों को गाली देने वाले अराजकतावादी आज घृणास्पद हैशटैग का प्रचार कर रहे हैं। यह आश्चर्यजनक है कि ट्विटर इंडिया और मनीष माहेश्वरी ने इसमें कुछ भी गलत नहीं देखा।”

बलिया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में पाँच एसपी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।

बलिया के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय कुमार यादव ने कहा, “सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोगों ने अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। बलिया थाने में 4 जुलाई को भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 342, 500, 504 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में दस लोगों के नाम थे, जिनमें से 5 को पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

उन्होंने आगे कहा कि वीडियो में कई अज्ञात व्यक्ति भी थे, जो नारे लगा रहे थे। पुलिस इनकी शिनाख्त करने का प्रयास कर रही है। मामले की जाँच जारी है।

Updated: October 1, 2021 — 12:24 am

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