स्वतंत्रता सेनानियों की धरती रही है बरबन्ना

अररिया। रानीगंज प्रखंड क्षेत्र की बरबन्ना पंचायत का इतिहास बहुत ही गौरवशाली रहा है। स्वतंत्रता संग्राम में बरबन्ना पंचायत के स्वतंत्रता सेनानी कलानंद सिंह, जगरनाथ साह, मानिकचंद साह, राजनारायण प्रसाद सिंह, नेवालाल सिंह आदि ने भाग लेकर देश को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं 18 मई 1918 ई में अंग्रेजों के द्वारा बरबन्ना पंचायत में थाना स्थापित किया गया। जो आज भी अंग्रेजों के बनाये भवन में ही चल रहा है। वहीं अंग्रेजी हुकूमत की याद दिलाती डाकघर जो अंग्रेजों की महारानी मैरी के नाम पर आज भी मेरीगंज नाम से संचालित हो रहा है। जिसका जिक्र आंचलिक कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु ने अपने उपन्यास में बखूबी किया गया है। वहीं पद्मश्री कलावती देवी के द्वारा छात्राओं की शिक्षा को लेकर प्राथमिक से लेकर उच्च विद्यालय तक का कलावती कन्या उच्च विद्यालय का स्थापना कराया। जो आज भी उच्च विद्यालय में भवन जर्जर हालत में स्थित है। वहीं बाबू लाल दिवान ने अपने नाम से उच्च विद्यालय का स्थापना कराया जो आज बीएलडी उच्च विद्यालय के नाम से जाना जाता है। वहीं उच्च शिक्षा को लेकर बरबन्ना निवासी यदुनंदन प्रसाद यादव ने इंटर व डिग्री कॉलेज की स्थापना कर सुदूर देहाती क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा देने का काम किया। जो आज यदुनंदन पवित्री इंटर महाविद्यालय व यदुनंदन पवित्री डिग्री महाविद्यालय के नाम से प्रचलित है। इस पंचायत के लगभग दो दर्जन छात्र जो इंजीनियरिग, मेडिकल, एक आईपीएस, सिविल सर्विसेज में कार्यरत हैं। 1978 में रानीगंज पंचायत दो भागों में बंट कर बरबन्ना पंचायत अस्तित्व में आया। प्रथम मुखिया सुभाषचंद्र सिंह बने जो चुनाव नहीं होने के कारण 2001 तक पद पर आसीन रहे। 2001 के चुनाव में प्रिस विक्टर मुखिया बने जो प्रमुख बनने के बाद छह माह के अंतराल में पुन: चुनाव कराया गया जिसमें आशुतोष कुमार मुखिया बने। 2006 के परिसीमन के बाद मुखिया पद आरक्षित होने के बाद रघुनाथ राम 2011 में पूनम देवी पासवान मुखिया बने। 2016 के परिसीमन के बाद चंदन कुमार मुखिया बने। सभी पूर्व व वर्तमान मुखिया ने मिलकर पंचायत के विकास करने का पुरजोर प्रयास किया और विकास की गति को आगे बढ़ने का काम किया।

पंचायत की समस्या यहां की सबसे बड़ी समस्या यह है कि पंचायत के बीचोबीच निकलने वाले फरियानी नदी व पूरब भाग से निकलने वाली कमतहा नदी जो हर वर्ष बाढ़ का दंश झेलने को मजबूर कर देती है। वहीं फरियानी नदी के ध्वजा घाट व कदम घाट में पुल तथा कमतहा में थाना से पूरब जाने वाली सड़क सड़क में पुल नही बनने से बरसात के दिनों में लोगों काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुल के कारण पंचायत तीन भागों में बंटा हुआ है। अधिकांश लोग बरसात के दिनों में काफी अधिक दूरी तय कर प्रखंड मुख्यालय पहुंचते हैं। वहीं सैकड़ों शिक्षित युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। वहीं पंचायत में खेल को बढ़ावा देने के स्टेडियम की जरूरत है। पशु चिकित्सालय, स्वास्थ्य केंद्र, विवाह भवन आदि की आवश्यकता है। पंचायत के लोगों का पेशा यहां के अधिकांश लोग खेती व मजदूरी पर निर्भर हैं तथा जो लोग रानीगंज बाजार में रहते हैं वह व्यवसाय कर अपना परिवार का भरण पोषण करते हैं। जबकि इस पंचायत में संसाधन की कोई कमी नहीं है। कमी है तो सिर्फ किसानों को उनके फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है। औने पौने दामो पर किसान अपनी फसल को बेचने पर मजबूर हो जाते हैं। इस पंचायत में किसानों के लिए और कृषि आधारित उद्योग की स्थापना हो जाने से किसानों और मजदूरों को काफी लाभ मिलेगा। पंचायत के बीचोबीच एनएच व एसएच गुजरती है। वहीं एक आईपीएस अभिजीत कुमार जो मध्य प्रदेश में अपनी सेवा दे रहे हैं। कल्पानु किशोर पीएसयू में ई 6 पद पर बाघमारा धनबाद में सेवा दे रहे हैं। स्मिता कुमारी जो फिलहाल एसडीओ का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है।

धार्मिक व पौराणिक महत्व

बरबन्ना पंचायत में पुरानी हाट, बंगाली टोला, इमली स्थान और बरबन्ना में बहुत ही पुरानी दुर्गा मंदिर है जो आस्था का केंद्र बनी हुई है। साथ ही दो जामा मस्जिद, एक ईदगाह व तीन कब्रिस्तान जो बिना घेराबंदी किये हुए हैं। दुर्गा पूजा के समय पुरानी हाट दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ देखी जाती है। इस मंदिर में थाल सजाने की बहुत ही पुरानी परंपरा है। कहा जाता है कि थाल सजाकर मन्नतें मांगने से माता सभी मन्नतें पूरी करते हैं। मुखिया का दावा मुखिया चंदन कुमार ने बताया कि 2016 के परिसीमन में इस पंचायत का मुखिया पद आरक्षित होकर अत्यंत पिछड़ा को मिला। जिसमे जीत दर्ज कर सबको साथ लेकर चलने का प्रयास किया तथा अधिकांश गलियों का पक्कीकरण सात निश्चय योजना के तहत कराया गया है। पीने के लिए स्वछ जल के लिए सभी वार्डो में नल का जल योजना के तहत कार्य कराया गया है। पंचम वित्त योजना, चौदहवीं वित्त योजना का कार्य धरातल पर दिख रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण का कार्य, वृद्धा पेंशन योजना, किसान सम्मान निधि योजना सहित सभी प्रकार का लाभ पंचायत के लाभुकों को मिल रहा है। हमारे पंचायत को नदी ने तीन टुकडों में बांट रखा है। कदम घाट, ध्वजा घाट व कमतहा नदी में पुल निर्माण के लिए विधायक जी को सूचित किया गया है। वहीं किसानों के लिए किसान मंडी व कृषि आधारित उद्योग की अत्यंत आवश्यकता है। हमारा पंचायत एनएच व एसएच के किनारे बसा हुआ है उद्योग लगाने के लिए काफी अच्छा जगह है। उद्योग लग जाने से किसानों और मजदूरों को लाभ मिलेगा। वहीं अधिकांश युवा शिक्षित होकर भी दूसरे प्रदेशों में रोजगार की तलाश में धक्के खा रहे हैं।

पंचायत एक नजर प्रखंड: रानीगंज

पंचायत: बरबन्ना

आबादी: 22000

मतदाता: 9500

क्षेत्रफल: 7 किलोमीटर

कुल वार्ड: 15

साक्षरता दर: 75 प्रतिशत

मुख्य रोजगार: खेती, व्यवसाय व मजदूरी

प्राथमिक विद्यालय: 6

मध्य विद्यालय: 02

उच्च विद्यालय: 1

कन्या उच्च विद्यालय: 01

प्लस टू: 03

डिग्री कॉलेज: 01

अस्पताल: नहीं

बैंक: मौजूद

डाकघर: मौजूद

टावर की स्थिति: सामान्य

मुख्य समस्या: बाढ़ व बेरोजगारी

सामुदायिक शौचालय: नहीं

आंगनबाड़ी केंद्र: 08 सभी भवनहीन

ग्राहक सेवा केंद्र: 03

बसुधा केंद्र: 01

पंचायत सरकार भवन: नहीं

पंचायत भवन: मौजूद(आईटीसी भवन)

पशु अस्पताल: नहीं

सरकारी पोखर: 01 थाना परिसर में

लोगों की राय व्यवसायी अरुण कुमार मंडल ने बताया कि इस पंचायत का विकास को गति पहुंचाने के लिए सिर्फ सड़कें पक्कीकरण कर देने से संभव नहीं हो सकता है जबतक तक युवाओं को रोजगार नहीं मिल जाता। हमारे पंचायत के अधिकांश युवा दूसरे प्रदेशों में जाकर रोजगार की तलाश में धक्के खा रहे हैं। आजादी के इतने सालों बाद भी हमलोग सड़क बिजली पानी को ही विकास मान रहे हैं। जबकि सबसे बड़ी जरूरत युवाओं को आगे लाने की है। जब युवाओं के पास रोजगार रहेगा तब पंचायत का विकास संभव हो सकेगा।

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चंदन कुमार सिंह ने बताया कि हमारा पंचायत किसानों पर आधारित है और किसानों को उनके फसल का सही लाभ नहीं मिल रहा है। आज भी किसान दलालों के हाथ अपनी फसल को बेचने के लिए मजबूर हो रहे हैं। जबतक किसानों को फसल बेचने के लिए मंडी की स्थापना नहीं हो जाती है विकास संभव नहीं हो पायेगा। इस पंचायत में कृषि आधारित उद्योग लग जाने से मजदूर व किसानों को काफी लाभ मिलेगा तब कहीं पंचायत का विकास दिखेगा।

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रणवीर मिश्रा ने बताया कि पंचायत में सभी गलियों का पक्कीकरण किया गया है। विकास की गति को तेज कर सात निश्चय के तहत अधिकांश गलियों को मुख्य सड़क से जोड़ा गया है। वहीं कुछ स्थानों पर जल जमाव की समस्या रहती है उसे दुरुस्त करने की आवश्यकता है। लोगों को सरकार से मिलने वाली सभी प्रकार का लाभ मिल रहा है।

——– रूपेश कुमार ठाकुर ने बताया कि पंचायत का विकास सिर्फ सड़कें बना देने से संभव नहीं हो सकता है। पंचायत में अन्य कई प्रकार की समस्याएं हैं जिसे दूर करने की जरूरत है। पंचायत में पशु चिकित्सालय नहीं है, स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। कदम घाट व ध्वजा घाट में पुल नहीं रहने के कारण कविलासा, मेघुटोला, आदि के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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