11 कंपनियाँ को ब्लैक फंगस का इंजेक्शन बनाने की मंजूरी, संक्रमितों की सँख्या 5,000 के पार, कई राज्यों में महामारी घोषित, जानें कहाँ कितने मरीज

कोरोना वायरस के कहर के बीच देश में ब्लैक फंगस (म्यूकोरमायकोसिस) का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसके संक्रमण को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इसे महामारी घोषित करने को कहा है। बीते एक महीने में देशभर में इसके 5,000 से भी अधिक संक्रमित मिल चुके हैं और 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

केंद्र के आह्वान पर असम, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब और हरियाणा सरकार ने महामारी एक्ट की धारा 1897 के तहत ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है।

देश में 11 कंपनियाँ बना रही ब्लैक फंगस की दवा

इस बीच केंद्र सरकार ने इसके इलाज के लिए भारत सीरम, मिलन, बीडीआर फार्मा, सन फार्मा, लाइफ केयर और सिप्ला के बाद पाँच और कंपनियों एमक्योर फार्मा, नेटको, गुफिक बायोसाइंसेज, एलेंबिक फार्मा और लयका फार्मा को ब्लैक फंगस के इलाज में काम आने वाली दवा (एंफोटेरेसिन बी) के निर्माण की इजाजत दे दी है। इसी के साथ देश में म्यूकरमायकोसिस की दवा बनाने वाली 11 कंपनियाँ हो गई हैं।

इस बात की जानकारी देते हुए रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि देश में ब्लैक फंगस के इंजेक्शन (एंफोटेरेसिन बी) को बना रही कंपनियों से उत्पादन बढ़ाने के लिए पहले ही कहा जा चुका है। मौजूदा समय में देश में 3.80 लाख इंजेक्शन का उत्पादन हर महीने किया जा रहा है। इसके एक इंजेक्शन की कीमत करीब 7,000 रुपए है और एक मरीज को करीब 50-150 इंजेक्शन के डोज की आवश्यकता हो सकती है।

देश में इसके संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। साथ ही साथ ही सरकार ने इसके इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा एंफोटेरेसिन बी इंजेक्शन के तीन लाख इंजेक्शन का आयात किया है, जो कि इसी महीने 31 मई तक मिल जाएँगे।

किस राज्य में कितने मरीज

गुजरात: ब्लैक फंगस का संक्रमण तेजी से सभी राज्यों को अपनी चपेट में लेता जा रहा है। अकेले गुजरात में ही अब तक इसके 1163 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। इससे 40 से अधिक लोगों की जानें गई हैं।

महाराष्ट्र: राज्य में अब तक ब्लैक फंगस के 1500 से अधिक संक्रमित मिल चुके हैं, जिनमें 90 की मौत हो चुकी है तो 500 लोग इससे ठीक भी हो चुके हैं। जबकि, 850 एक्टिव केस हैं।

हरियाणा: यहाँ इसके 226 संक्रमित मिले थे, जिनमें से अब तक 14 मरीजों की मौत हो चुकी है।

दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में इसके 185 से भी ज्यादा संक्रमितों को अब तक डिटेक्ट किया जा चुका है और इससे एक की मौत हुई है।

तमिलनाडु: तमिलनाडु में भी अब तक 9 मरीजों की पहचान हो चुकी है।

बिहार: यहाँ म्यूकोरमायकोसिस के 50 से अधिक मरीजों की पहचान हो चुकी है, जिसमें से दो की मौत भी चुकी है।

उत्तर प्रदेश: यूपी में अब तक इस महामारी के 120 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें से 13 लोगों की मौत हो गई है।

छत्तीसगढ़: राज्य में ब्लैक फंगस के अब तक 90 संक्रमितों की पहचान हो चुकी है। वहीं दुर्ग में इसके कारण एक मरीज की मौत भी हुई है।

हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्य हिमाचल में भी ब्लैक फंगस का एक संक्रमित मिला है।

उत्तराखंड: यहाँ इसके 30 मरीजों की पहचान हो चुकी है जबकि तीन लोगों की संक्रमण के चलते मौत भी हो चुकी है।

झारखंड: राज्य में ब्लैक फंगस की दवा एंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की किल्लत के बीच यहाँ 4 मरीजों की मौत हो गई है। वहीं 15 लोगों का इलाज किया जा रहा है।

ओडिशा: यहाँ 5 मरीजों के मिलने और एक की मौत के बाद नवीन पटनायक सरकार ने इसे महामारी घोषित कर दिया है।

तेलंगाना: यहाँ भी अब तक 80 मरीजों में फंगस की पुष्टि हो चुकी है। सरकार ने इसे महामारी घोषित कर दिया है।

आंध्र प्रदेश: राज्य में इस फंगस के अब तक 250 से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है। जगन रेड्डी सरकार ने इससे निपटने के लिए एंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन के 15 हजार बॉयल का ऑर्डर किया है।

कर्नाटक: राज्य में अब तक 97 मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है। बेंगलुरु में इसका डेडिकेटेड सेंटर बनाया गया है।

मध्य प्रदेश: यहाँ एक सप्ताह के भीतर ही 281 मरीजों में ब्लैक फंगस का असर दिखा है। अब तक 27 लोगों की मौत भी हो चुकी है।

राजस्थान: अशोक गहलोत सरकार ने भी इसे महामारी घोषित कर दिया है। राज्य में 100 से अधिक संक्रमित मिल चुके हैं।

केरल: केरल में अब तक ब्लैक फंगस के 15 मरीजों की पहचान हो चुकी है।

असम: इस पूर्वोत्तर राज्य में गुरुवार (20 मई 2021) को ब्लैक फंगस के कारण पहली मौत हुई थी।

गौरतलब है कि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के बाद अब तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, ओडिशा व तेलंगाना ने म्यूकोरमायकोसिस के संक्रमण को महामारी घोषित कर दिया है।

Updated: November 26, 2021 — 11:52 am

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