AltNews ने उठाया टूलकिट पर कॉन्ग्रेस को बचाने का जिम्मा, पोल खुलते बदल डाली ट्वीट… अब इस पर भी फँसा

कॉन्ग्रेस पार्टी का टूलकिट जैसे ही मंगलवार (मई 18, 2021) को लीक हुआ, पार्टी को बचाने के लिए उसका एक अघोषित मुखपत्र सामने आ गया। इस टूलकिट में कुम्भ को बदनाम कर हिन्दू धर्म को नीचा दिखाने, ईद का महिमामंडन करने, PM मोदी की छवि धूमिल करने और जलती चिताओं व लाशों की तस्वीरों के जरिए भारत का नाम बिगाड़ने का पूरा खाका था। इसके बाद AltNews ने फैक्ट-चेक के नाम पर झूठ परोसा और फिर उस पर लीपापोती की।

यह खेल कैसे खेला गया, उसकी क्रोनोलॉजी समझते हैं। कॉन्ग्रेस के लीक हुए टूलकिट में स्पष्ट लिखा था कि पार्टी के नेता कोरोना महामारी के बीच सोशल मीडिया पर किसी भी पीड़ित को मदद करने से पहले उसे कहें कि वो कॉन्ग्रेस पार्टी और इसके नेताओं के हैंडल्स को टैग करें। इसके बाद ‘दोस्त पत्रकारों’ की मदद से उस गुहार को वायरल करने की सलाह दी गई थी। फिर कॉन्ग्रेस नेता ‘मदद’ करते। इसमें भी पत्रकारों और प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता देने को कहा गया था।

AltNews इस बात को झूठ साबित करने निकल पड़ा और उसने दावा किया कि कॉन्ग्रेस के नेता उन लोगों की भी मदद कर रहे थे, जिन्होंने उन्हें या उनकी पार्टी को टैग नहीं किया था। प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद जुबैर के पोर्टल ने दावा किया कि एक फर्जी लेटरहेड पर ये कॉन्ग्रेस का टूलकिट उसके विरोधियों ने तैयार किया है, पार्टी को बदनाम करने के लिए। साथ ही साक्षी नाम की एक महिला का ट्वीट सबूत के रूप में दिखाया।

प्रोपेगंडा पोर्टल AltNews ने दावा किया कि साक्षी ने कॉन्ग्रेस पार्टी या इसके नेताओं को टैग तक नहीं किया था, लेकिन फिर भी ‘इंडियन यूथ कॉन्ग्रेस (IYC)’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास BV ने उसकी मदद की। ये ट्वीट सोमवार का है, अर्थात टूलकिट लीक होने से एक दिन पहले का। इस ट्वीट में उन्होंने एक मरीज के लिए प्लाज्मा की गुहार लगाई थी। इसके बाद श्रीनिवास और साक्षी में बात हुई कि प्लाज्मा थेरेपी को सरकार ने कोरोना के इलाज से हटा दिया है या नहीं।

फिर श्रीनिवास ने साक्षी को मैसेज से एक नंबर भेजा और ‘SOS टीम’ से संपर्क करने को कहा। अब सवाल उठता है कि क्या सचमुख IYC के अध्यक्ष ने टूलकिट के हिसाब से काम नहीं किया और बिना खुद को या अपनी पार्टी को टैग किए ही मदद के लिए हाथ बढ़ा दिया। दरअसल, ऐसा नहीं है। साक्षी ने SOS वाले हैशटैग्स के साथ उस ट्वीट को कोट करते हुए एक और ट्वीट किया था, जिमसें उन्होंने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी समेत कई बड़े नेताओं को टैग किया था।

जिस लेख में ‘तुलनात्मक अध्ययन’ की बातें कर कॉन्ग्रेस के टूलकिट को विरोधियों की साजिश बताई गई, उसी लेख में ये झूठ फैलाया गया कि कॉन्ग्रेस नेता ने बिना टैग हुए एक महिला की मदद की। जब पोल खुल गई तो AltNews ने चुपके से साक्षी के ट्वीट को अपने लेख से हटा दिया और उसकी जगह पत्रकार आदित्य राज कौल का ट्वीट लगा दिया और साथ ही लेख में भी साक्षी के नाम की जगह कौल का नाम एडिट कर के डाल दिया गया।

इसमें देखा जा सकता है कि कौल ने लिवर ट्रांस्पलांट कराने वाले एक कोविड नेगेटिव मरीज के लिए O ग्रुप ब्लड के लिए निवेदन पोस्ट किया था। श्रीनिवास ने उन्हें रिप्लाई देते हुए बताया कि ब्लड का इंतजाम कर दिया गया है और वो दो अन्य डोनर्स को भी भेज रहे हैं। क्या साक्षी वाला ट्वीट हटा कर आदित्य राज कौल का ट्वीट डालने से AltNews ने गलती सुधार ली? नहीं। क्योंकि, कौल का ट्ववीट टूलकिट के लीक होने के बाद किया गया था।

‘टीम भारत’ ने मंगलवार को सुबह 10:01 बजे टूलकिट को लीक किया था, जबकि आदित्य राज कौल के निवेदन का ट्वीट 11:04 बजे का है, यानी ठीक एक घंटे बाद का। कौल का ट्वीट लगाते हुए AltNews ये भी भूल गया कि इसी टूलकिट में पत्रकारों के निवेदन को प्राथमिकता देने की बात की गई थी। AltNews ने टूलकिट के लीक होने के बाद के एक ट्वीट को लेकर ये साबित करना चाहा कि ये टूलकिट फेक है और इसके हिसाब से काम नहीं हो रहा था।

Updated: November 26, 2021 — 10:36 am

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