CM विजयन ने अल्पसंख्यक विभाग रखा अपने पास: केरल कैथोलिक यूथ मूवमेंट का असर? मुस्लिम समुदाय में नाराजगी

केरल में एक बार फिर से सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने चौंकाने वाला कदम उठाते हुए अल्पसंख्यक विभाग अपने पास रख लिया है। जबकि, सामान्य तौर पर यह विभाग कैबिनेट मंत्रियों को दिया जाता था। इसके अलावा सीएम ने गृह, निगरानी और आईटी समेत कई अन्य विभागों को भी अपने पास ही रखा है।

माना जा रहा है कि उनके इस कदम से मुस्लिम समुदायों में भी कुछ नाराजगी है। पी विजयन ने गुरुवार (20 मई 2021) को 20 कैबिनेट मंत्रियों के साथ दूसरी बार सीएम पद की शपथ ली थी। उनके मंत्रियों के विभागों की आधिकारिक लिस्ट शुक्रवार (21 मई 2021) को जारी हुई।

पी विजयन सरकार ने इस बार अपने कैबिनेट में कई फेरबदल किए हैं। इसके तहत उन्होंने अल्पसंख्यक विभाग को भी अपने पास ही रख लिया है। जबकि, उनके पिछले कार्यकाल के दौरान यह विभाग केटी जलील के पास था। केटी जलील उस दौरान राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री भी थे। वहीं सीएम ने अपने दामाद पीए मोहम्मद रियास को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का जिम्मा सौंपा है। 

वहीं कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट सरकार के कार्यकाल के दौरान अल्पसंख्यक विभाग इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के मुस्लिम मंत्री मंजलमकुझी अली के पास था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा पी विजयन सरकार में अल्पसंख्यक मंत्रालय के लिए वर्तमान मंत्रिमंडल में शामिल वी अब्दुरहीमान के नाम की चर्चा थी। उन्हें ही अल्पसंख्यक मामलों का प्रभारी बताया गया था, लेकिन अंतिम लिस्ट में इसे बदल दिया गया। इस मामले में कुछ मुस्लिम संगठनों ने नाराजगी भी जताई है। उन्हें लगता है कि पिनारई विजयन ने ईसाई समुदाय को खुश करने के लिए ऐसा किया है।

हालाँकि, मुख्यमंत्री पी विजयन का कहना है, “मुस्लिम समुदाय अल्पसंख्यक है। उन्हें मुझ पर और एलडीएफ सरकार पर भरोसा है। इसकी आलोचना करने वाले इंडियन यूनियन ऑफ मुस्लिम लीग का समुदाय पर कोई एकाधिकार नहीं है।”

केरल में मुसलमान आबादी

गौरतलब है कि केरल की 3.34 करोड़ आबादी में मुसलमानों की संख्या 88.73 लाख है, जबकि ईसाइयों की आबादी 61.41 लाख है। केरल में ईसाई से ज्यादा संख्या होने के बाद भी सीएम विजयन ने मुसलमानों को अल्पसंख्यक बताया है।

कथित तौर पर अल्पसंख्यक मंत्रालय को लेकर केरल कैथोलिक यूथ मूवमेंट ने अपने बिशप को एक पत्र लिखकर सीएम पिनारई विजयन पर दवाब बनाने के लिए कहा था। इसके मुताबिक, या तो अल्पसंख्यक विभाग को किसी क्रिश्चियन मंत्री को दिया जाय या फिर सीएम विजयन इसे खुद अपने पास ही रखें। हालाँकि, मुख्यमंत्री ने इस विभाग को अपने पास ही रख लिया है। उनके इस कदम का केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल ने स्वागत किया है।

इस मामले में केरल के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष और मिजोरम के मौजूदा राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई ने कहा है कि सिरो-मालाबार कैथोलिक चर्च के मेजर आर्कबिशप कार्डिनल जॉर्ज एलेनचेरी ने “बहुत महत्वपूर्ण मुद्दों” को उठाया है। उन्होंने कहा कि चिंता की बात यह है कि अल्पसंख्यकों के लिए जारी होने वाला 80 फीसदी फंड एक समुदाय विशेष में जा रहा है, जबकि पूरे ईसाई समुदाय को केवल 20 प्रतिशत ही मिल रहा है।

Leave a Comment