By | May 23, 2020

अभी अभी ताजा खबर सामने आये है जो की देश की हॉर्स रेजीमेंट के बारे मे है देश की हॉर्स रेजीमेंट के 67 साल हो चुके है 67 साल पुरानी हॉर्स रेजीमेंट को बदलने की तयारी हो रही है

हॉर्स रेजीमेंट देश की सेवा मे कम कर रही है ताजा खबर के अनुसार 67 साल पुरानी हॉर्स रेजीमेंट को बदलने की तेयारी सुरू हो गयी है ओर इस सेना की जगह आर्म्ड टेंक लेंगे जो की इस हॉर्स रेजीमेंट की जगह लेंगे गणतन्त्र दिवस पर आपने या हम सभी ने गणतन्त्र के परेड की सुरुवात मे घोड़ो की टोली को आते देखा होगा ये हॉर्स रेजीमेंट के घोड़े होते ही जिन पर जवान बेठे होते है इस घुड़सवार सेना मे 61 घोड़े होते है ओर वो परेड का आगाज करते है

हॉर्स रेजीमेंट को बदलने की तेयारी सुरू

यह घुड़सवार सेना अनमोल धरोहर है गणतन्त्र दिवस की अनमोल धरोहर के रूप मे यह सेना है लेकिन गणतन्त्र दिवस की ये धरोहर अब खत्म होने जा रही है क्यूकी इस सेना को बदलने की तेयारी सुरू हो रही है अब इस सेना को नयी आर्म्ड रेजीमेंट मे बदलने की तेयारी हो रही है यह जानकारी आर्मी के चीफ जनरल एमएम naravane ने दी है उन्होने यह बात साफ की है की अब हॉर्स रेजीमेंट को बदला जाएगा ओर इसमे कुछ बदलाव किए जाएंगे

हॉर्स रेजीमेंट को बदलने की तेयारी सुरू ,67 साल पुरानी हॉर्स रेजीमेंट को बदलने की तेयारी सुरू

ताजा जानकारी मिलने के अनुसार हमारी सेना को ओर अधिक मजबूत बनाने के लिए सेना को ओर अधिक अड्वान्स बनाने के लिए सेना मे नए अर्जुन टेंक ओर टी-90 सामील किए जा रहे है यह खबर सामने आई है की आर्म्ड रेजीमेंट के अधिकारियों को जयपुर मे 3 इंडिपेडेंट टी-72 टेंक का नियंत्रण और उनकी कमांड दी गयी है और इस नयी आर्म्ड रेजीमेंट मे 61 केवलरी को मर्ज किया गया है

अगर आप 61 केवलरी के बारे मे ओर अधिक जानना चाहते है ओर आप हमरे इस आर्टिकल को पूरा पड़िए झ आपको पूरी जानकारी मिलेग्गी 61 केवलरी की सुरुवात पपोलो और असवारोही खेल यानि की घोड़ो के खेलो को बढ़ावा देने के लिए की गयी थी 61 केवलरी ने अब तक खेलो मे 11 अर्जुन अवार्ड और 10 एशियन गेम्स अवार्ड्स जीते है

इस सेना की जगह आर्म्ड टेंक लेंगे

2011 और 2017 की वर्ल्ड पोलो प्रतियोगिता मे 61 केवलरी ने पहला स्थान जीता था 1961 के ओप्रेसन विजय 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध मे 61 केवलाए ने अहम भूमिका निभाई थी जेसा की आप जानते है की इस हॉर्स रेजीमेंट को बदले की तेयारी हो रही है और इसके बदले पर इसका विरोध भी हो रहा है कुछ का कहना है की यह रेजीमेंट नही बदलनी चाहिए इस फेसले पर कुछ बड़े अधिकारियों ने अपना विरोध जताया है उन बड़े अधिकारियों का कहना है की जयपुर मे इन घोड़ो का सबसे बेहतरीन स्टेबल है इनको देहली भेजना वेर्थ है भारत की इस सेना ने बाकी सेनाओ के मुक़ाबले सबसे ज्यादा माडेल जीते है इसलिए इस सेना को कम संसाधनो और कोस्ट कटिंग के नाम पर हटाना गलत है जिसके कारण कुछ अधिकारो इस फेसले का विरोध कर रहे है

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