IRS अधिकारी ने अरेंज मैरिज की वैधता पर उठाए सवाल, लोगों के दमदार जवाब से ट्वीट डिलीट, अकाउंट डिएक्टिवेट कर भागे

अरेंज मैरिज भारतीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा है, जो समाज में आज भी ससम्मान प्रचलित है। अधिकतर युवा आज भी अपने माता-पिता की पसंद से ही अपना जीवनसाथी चुनना पसंद करते हैं। वहीं, भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी पीयूष थोराट ने हाल ही में ट्विटर पर अरेंज मैरिज की वैधता पर सवाल उठाया। इसको लेकर नेटिजन्स ने उन्हें करारा जवाब दिया है। इसके बाद खबर लिखे जाने तक उनका ट्विटर अकाउंट डिएक्टिव दिख रहा था।

लोगों की कड़वी प्रतिक्रिया के बाद पीयूष थोराट ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। इसके बाद उनका ट्विटर अकाउंट भी निष्क्रिय दिखा रहा है। हटाए गए ट्वीट में थोराट ने सवाल किया था कि अरेंज मैरिज अभी भी कानूनी क्यों है?

पीयूष थोराट का डिलीट किया गया ट्वीट

पीयूष थोराट ने उन्हें ‘रि​ग्रेसिव’ कहते हुए आश्चर्य जताया कि ‘अरेंज मैरिज’ की व्यवस्था इतनी मजबूत कैसे बनी हुई है। जब किसी ने उन्हें बताया कि हर कोई इतना भाग्यशाली नहीं होता है कि उसे प्यार मिल सके तो थोराट ने कहा कि अगर प्यार नहीं मिल रहा है तो शादी क्यों करें?

हालाँकि, बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक अतिश्योक्ति के सिवा और कुछ नहीं था। उनका कहने का वह मतलब नहीं था, जो लगाया जा रहा है। वहीं, अरेंज मैरिज को लेकर उनके ये ट्​वीट नेटिजन्स को पसंद नहीं आए। इस पर नेटिजन्स ने उन्हें करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अरेंज मैरिज करना, जहाँ माता-पिता की पसंद से हमारे लिए जीवनसाथी चुने जाते हैं, यह भी एक व्यक्तिगत पसंद हो सकती है।

ट्विटर यूजर @Dishasatra ने कहा कि वह एक अरेंज मैरिज पार्टनर की तलाश में हैं और इसे पिछड़ापन (regressive) बिल्कुल भी नहीं मानती हैं। कई लोगों ने यह भी कहा कि विवाह में सफलता का कोई निश्चित सूत्र नहीं है और इस तरह के विचारों को दूसरों पर थोपना भी उत्पीड़न के समान है।

नौकरशाह के इस ट्वीट के लिए भोपाल निवासी मिस्टर मिथुन ने भी सभी की ओर से माफी माँगी।

कुछ लोगों ने यह भी कहा कि नौकरशाहों में इस तरह की सोच अच्छे संकेत नहीं हैं।

2015 बैच के आईआरएस अधिकारी थोराट का मानना है कि समझदार लोग वही होते हैं, जो ‘नारीवादी, जाति-विरोधी, कम्युनिस्ट और लिबरल’ होते हैं।

थोराट शायद उन लोगों की पसंद को सही नहीं मानते हैं, जो अरेंज मैरिज का विकल्प चुनते हैं। वह चाहते हैं कि वे इसकी बजाय शादी ही न करें। ऐसे लोगों को जो अरेंज मैरिज के पक्ष में होते हैं, उन्हें वह लिबरल खेमे का नहीं मानते हैं।

Updated: October 2, 2021 — 8:14 am

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