By | June 4, 2020
एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना सुप्रीम कोर्ट का आदेश केंद्र शुरू करे

एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना सुप्रीम कोर्ट का आदेश केंद्र शुरू करे एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना

सर्वोच्च न्यायालय एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना

यायालय ने 27 अप्रैल को जारी अपने एक आदेश में केंद्र से यह कहा है कि वह
मौजूदा कोविड -19 लॉकडाउन के दौरान ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना को
अपनाए. रियायती (सब्सिडाइज्ड) भोजन का लाभ पाने के लिए यह योजना प्रवासी
श्रमिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए फायदेमंद होगी.

स योजना को जून 2020 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया जाना था. सर्वोच्च
न्यायालय के निर्देश से ऐसे अनेक प्रवासी श्रमिकों और अन्य लाभार्थियों को मदद
मिलेगी जो भारत के विभिन्न राज्यों में फंसे हुए हैं और स्थानीय पहचान पत्र के
बिना बुनियादी सुविधाओं का लाभ नहीं उठा सकते हैं.
मुख्य विशेषताएं

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल

• न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, एनवी रमण और बीआर गवई की पीठ ने एक
आदेश पारित किया है जिसमें यह कहा गया है कि भारत संघ को ‘एक राष्ट्र, एक
राशन कार्ड योजना’ के कार्यान्वयन पर विचार करना चाहिए और यह परखना होगा
कि क्या वर्तमान परिस्थितियों में इस योजना को लागू करना संभव है.

अदालत का यह निर्देश

अदालत का यह निर्देश अधिवक्ता रिपक कंसल द्वारा दायर याचिका के बाद आया
है जिसमें उन प्रवासी श्रमिकों और अन्य लाभार्थियों के लिए यह योजना शुरू करने
की मांग की गई है जो वर्तमान में अपने राज्य में नहीं हैं और इस लॉकडाउन के
दौरान भारत के विभिन्न राज्यों में फंसे हुए हैं.

किराए के परिसरों या पारगमन शिविरों में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों की भलाई
सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी करना भी आवश्यक है.

अधिवक्ता द्वारा याचिका में, प्रवासी श्रमिकों और लाभार्थियों के अधिकारों की रक्षा
के लिए लॉकडाउन के दौरान शुरू किये गए रियायती भोजन का लाभ उठाने के साथ
ही सरकारी योजना के अन्य लाभ उपलब्ध करवाने के लिए अदालत के हस्तक्षेप की मांग की गई है.
यह योजना क्यों आवश्यक है?

शुरू एक राष्ट्र एक राशन कार्ड’ योजना

याचिका के अनुसार, देश के विभिन्न राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने स्थानीय
नागरिकों या मतदाताओं को चिकित्सा, भोजन, आश्रय के तौर पर ये सभी लाभ दे
रहे हैं और उन प्रवासी श्रमिकों या नागरिकों को ऐसे लाभ देने से वंचित रख रहे हैं
जो देश के अन्य राज्यों से संबंधित हैं क्योंकि इन प्रवासी श्रमिकों या नागरिकों के
पास राशन कार्ड, वोटर कार्ड के तौर पर स्थानीय पहचान प्रमाण नहीं है.

अगर केंद्र सरकार ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड योजना’ लाती है, जिसे वह जून
2020 में शुरू करने वाली थी, तो इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग लाभान्वित
होंगे और उन श्रमिकों के जीवन की रक्षा हो सकेगी जो कोविड -19 लॉकडाउन के
दौरान भारत के विभिन्न राज्यों में फंस गए हैं.

The court, in an order issued on April 27, has asked the Center to
Kovid-19 lockdown. This scheme will be beneficial for migrant workers and economically weaker sections to get the benefit of subsidized food.

According to the petition,

The scheme was to be launched by the central government in June 2020. The Supreme Court directive will help many migrant workers and
other beneficiaries who are stranded in various states of India and
cannot avail basic facilities without a local identity card
salient feature

According to the petition,

• A bench of Justices Sanjay Kishan Kaul, NV Raman and BR Gavai
passed an order stating that the Union of India should consider the
implementation of ‘One Nation, One Ration Card Scheme’ and examine
whether the present Under the circumstances it is possible to
implement this scheme.

The court’s direction came after a petition

The court’s direction came after a petition filed by advocate Ripak
Kansal seeking to launch the scheme for migrant workers and other
lockdown in various states of India. I am trapped in

the well-being of migrant workers living in rented premises or transit
camps.

• The petition has been sought by the advocate to seek the
intervention of the government to avail the concessional food

government scheme to protect the rights of migrant workers and beneficiaries.
Why is this plan necessary?

According to the petition,

According to the petition, various states and union territories of the
country are giving all these benefits in the form of medical, food,
shelter to their local citizens or voters and are denied such benefits to
the migrant workers or citizens who are in the country. Relate to other
identity proof in the form of ration card, voter card.

If the central government brings in ‘One Nation, One Ration Card
Scheme’ which it was supposed to launch in June 2020, it will benefit
the economically weaker sections and protect the lives of those

Are stuck in various states of India.

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3 Replies to “लॉकडाउन में राशन कार्ड कि बड़ी योजना शुरू एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना”

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