By | May 7, 2020
कुसुम योजना

कुसुम योजना – वित्त मंत्रालय द्वारा वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में एक सब्सिडि वाली
सोलर पंप योजना (प्रधानमंत्री कुसुम योजना) की घोषणा की गई थी। इस योजना को लागू
करने का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2022 तक देश में तीन करोड़ सिंचाई वाले डीजल या बिजली से
चलने वाले पंपो को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपो के साथ बदलना था। इस सरकारी योजना
का पूरा नाम किसान उर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान रखा गया।

कुसुम योजना

कुसुम योजना- (प्रधानमंत्री सोलर योजना) वित्त मंत्रालय द्वारा वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में एक
सब्सिडि वाली सोलर पंप योजना (प्रधानमंत्री कुसुम योजना) की घोषणा की गई थी। इस योजना को
लागू करने का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2022 तक देश में तीन करोड़ सिंचाई वाले डीजल या बिजली से चलने
वाले पंपो को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपो के साथ बदलना था। इस सरकारी योजना का पूरा नाम
किसान उर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान रखा गया। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत केंद्र सरकार
किसानों को खेतों के ऊपर या मेड़ों पर सौर उर्जा संयंत्र लगाकर बिजली उत्पादन करने पर छूट देगी।
इससे यह फायदा होगा की किसानों के कृषि कार्य में बिजली की सप्लाई से सम्बंधित समस्याओं का
निपटारा होगा तथा उसके साथ ही किसानों द्वारा अपनी जरूरत के अतिरिक्त बची हुई बिजली को
ग्रिड में देकर उसका मूल्य भी प्राप्त कर सकेंगे।

इस योजना के अंतर्गत सौर उर्जा संयंत्र खेतों में लगाने का कुल खर्च 1.40 लाख करोड़ रूपये आएगा।
जिसमें से 48 हज़ार करोड़ रूपये केंद्र सरकार द्वारा दिये जाएंगे तथा इतनी हीं धनराशि का योगदान
राज्य सरकारों द्वारा किया जाएगा साथ ही किसानों को केवल 10 प्रतिशत धनराशि ही जमा करनी
होगी। इस योजना के तहत अगर किसान अपने खेत में सौर उर्जा संयंत्र लगवाता है तो उसे फ्री में
बिजली उपलब्ध हो सकेगी।

कुसुम योजना 2019 – लाभ / उद्देश्य

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री कुसुम योजना से किसानों को निम्न्लिखित लाभ पहुंचेंगे क्यूंकी इस योजना का उद्देश्य ही किसानों की आय को बढ़ाना है जिससे की प्रधानमंत्री के “Doubling farmer income by 2022” के सपने को पूरा किया जा सके

  • किसानों को सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए कुल लागत का 10 प्रतिशत ही देना होगा।
  • केंद्र सरकार किसानों के बैंक खातों में ही सीधा सब्सिडि का (Direct benefit transfer – DBT) के माध्यम से भुगतान करेगी।
  • इस योजना में उपजाऊ भूमि ना लेकर बंजर भूमि पर सौर ऊर्जा यंत्र लगाए जाएंगे।
  • सरकार किसानों को सब्सिडि के रूप में यंत्र की कुल लागत का 60% हिस्सा देगी और बैंकों द्वारा 30% हिस्सा प्रदान किया जाएगा इस तरह किसानों को सिर्फ 10% ही देना होगा।
  • एक अनुमान के अनुसार यदि कृषि क्षेत्र में उपयोग होने वाले सभी सिंचाई पंपों को सौर उर्जा से चलाया जायेगा, तो 28 हज़ार मेगावाट बिजली की बचत होगी।
  • इस योजना के क्रियान्वयन द्वारा बिजली एवं डीजल की बचत होगी जिसका प्रयोग अन्य क्षेत्र में किया जा सकेगा।
  • कुसुम योजना के तहत वर्ष 2022 तक देश में तीन करोड़ सिंचाई पम्पों को सौर ऊर्जा से चलाये जाने का लक्ष्य रखा गया है।

कुसुम योजना में किसान केंद्र एवं राज्य सरकार की सहायता से सौर ऊर्जा संयंत्र अपने खेत में लगाकर पानी के आभाव की समस्या से भी छुटकारा पा सकेंगे।

अन्य जानकारी – कुसुम योजना ऑनलाइन आवेदन / फॉर्म

प्रधानमंत्री कुसुम योजना 2019 – ऑनलाइन आवेदन

  • कुसुम योजना के लिए आवेदन करने के लिए केंद्र सरकार एक आधिकारिक पोर्टल लॉन्च करेगी।
  • जिसके माध्यम से किसान कुसुम योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
  • इस योजना में ऑनलाइन / ऑफलाइन फॉर्म कैसे और कहां भरें जाएंगे सरकार इससे संबंधित जानकारी की घोषणा जल्द ही करेगी।
  • इस योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आप Government of India Ministry of New and Renewable Energy की आधिकारिक mnre.gov.in वेबसाइट पर जा सकते हैं।
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