By | June 12, 2020
अब सरदारशहर में कोरोना से लड़ने में सक्षम sarv jvar har churna (सर्वज्वरहर चूर्ण ) बनाया जा रहा है
कोरोना का संक्रमण लगभग सम्पूर्ण विश्व में फ़ैल चूका  है| सभी देशों में
कोरोना से लड़ने के लिए वैक्सीन की खोज चल रही है | इसी खोज में अब
सरदारशहर में कोरोना से लड़ने में सक्षम देशी जड़ी बूंटीयों से sarv jvar har
churna चूर्ण का निर्माण किया जा रहा है|सरदारशहर के चुरू जिले  में वर्षों
पूर्व स्थापित स्वामी रामसरण  जी महाराज द्वारा गाँधी विद्या मंदिर में
कोरोना से लड़ने में कामयाब चूर्ण का निर्माण किया जा रहा है| संस्थान का
मूल मंत्र है - कुछ न चाहो ,काम आ जाओ |गाँधी विद्या मंदिर के वर्तमान
समय के  अध्यक्ष श्री हिमांशु जी दुगड़  ने जानकारी देते हुए कहा कि यह चूर्ण
पुर्णतः आयुर्वैदिक  है तथा इससे मानव की रोगों से लड़ने की शक्ति में वृद्धि
होती है|

कोरोना का संक्रमण लगभग सम्पूर्ण विश्व में फ़ैल चूका है| सभी देशों में
कोरोना से लड़ने के लिए वैक्सीन की खोज चल रही है | इसी खोज में अब
सरदारशहर में कोरोना से लड़ने में सक्षम देशी जड़ी बूंटीयों से sarv jvar har
churna चूर्ण का निर्माण किया जा रहा है|सरदारशहर के चुरू जिले  में वर्षों
पूर्व स्थापित स्वामी रामसरण जी महाराज द्वारा गाँधी विद्या मंदिर में
कोरोना से लड़ने में कामयाब चूर्ण का निर्माण किया जा रहा है| संस्थान का
मूल मंत्र है – कुछ न चाहो ,काम आ जाओ |गाँधी विद्या मंदिर के वर्तमान
समय के  अध्यक्ष श्री हिमांशु जी दुगड़  ने जानकारी देते हुए कहा कि यह चूर्ण
पुर्णतः आयुर्वैदिक है तथा इससे मानव की रोगों से लड़ने की शक्ति में वृद्धि
होती है|

sarv jvar har churna (सर्वज्वरहर चूर्ण ) कैसे बनाया जाता है?

राजस्थान के चुरू जिले में स्थापित संसथान गाँधी विद्या मंदिर में कोरोना से लड़ने में सक्षम 800 साल पुराने भारतीय आयुर्वैदिक पद्दति के देशी नुस्खे से काढ़ा तैयार किया जा रहा है | संस्थान का दावा है कि यह कोरोना मरीजों को ठीक कर रहा है| इस काढ़े या चूर्ण में 10 चीजों को मिलाया जाता है| लोंग , छोटी इलायची , बड़ी इलायची , पीपल , जायफल,सोंठ , जावित्री तथा तुलसी पत्ता आदि के मिश्रण से तैयार किया जाता है| इस विधि से रोजाना 1 लाख पैकेट्स तैयार किये जाते हैं| संसथान के पास लगभग 6 उपकरण हैं| हिमांशु जी दुगड़ का कहना है कि ये काढ़ा हम सभी राज्यों को फ्री में उपलब्ध करवाएंगे |जानकारी के मुताबिक चूर्ण के प्रचुर मात्रा में पैकेट्स उपलब्ध हैं| इन
चूर्ण के पैकेट्स की मांग अब अन्य राज्यों जैसे – मध्यप्रदेश , उतरप्रदेश , पंजाब , बंगाल आदि में भी बढ़ रही है|

चूर्ण / काढ़े का असर/ प्रभाव :-

कोरोना काल में गाँधी विद्या मंदिर संसथान में बनने वाले sarv jvar har churna (सर्वज्वरहर चूर्ण ) का असर देखा जाये तो सरदारशहर में 7 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गये थे| इन सातों लोगों के परिवारों के 103 लोगों को कोरेनटीन कर दिया गया |हिमांशु जी दुगड़ यह कहते हैं की हमने सभी 103 लोगों को यह काढ़ा पिलाया और सभी लोग नेगेटिव आये हैं| इसका मतलब यह हुआ की इसका परिणाम काफी अच्छा है और यह कारगर सिद्ध हो रहा है| हिमांशु जी दुगड़ यह कहते हैं कि भारत सरकार के आयुस मंत्रालय सी एस आई आर , आई सी ऍम आर के वरिष्ट अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गयी है| उनको इसके परिणाम के बारे में भी पता है| अब इस काढ़े को सरकार द्वारा प्रमाणिक तौर पर कोरोना के इलाज में दवा के रूप में मान्यता मिलने का हम इंतजार कार रहे हैं|

सर्व ज्वार हर चूर्ण की पूरी जानकारी। ऑन लाइन ऑर्डर के लिए लिंक
http://sarvjvarhar.org

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