TMC में लौटते ही सुरक्षित हुए मुकुल रॉय? गृह मंत्रालय से की Z कैटेगरी सुरक्षा वापस लेने की माँग: रिपोर्ट्स

तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) में लौटते ही क्या अब मुकुल रॉय को कोई खतरा नहीं रहा? मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो कुछ ऐसा ही है क्योंकि टीएमसी में वापस लौटने के एक दिन बाद ही मुकुल रॉय ने गृह मंत्रालय को चिट्ठी लिखी है और अपनी सुरक्षा वापस लेने की माँग की है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहते हुए पश्चिम बंगाल के हिंसात्मक माहौल के चलते उन्हें यह सुरक्षा दी गई थी।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से खबर दी कि शनिवार (12 जून) को मुकुल रॉय ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर अपनी केन्द्रीय सुरक्षा हटाने की माँग की है। हालाँकि रिपोर्ट्स के मुताबिक गृह मंत्रालय ने अभी तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया था।

आपको बता दें कि मुकुल रॉय नवंबर 2017 में टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बनाया गया था। इसके बाद उन्हें सीआरपीएफ की Y+ सुरक्षा प्रदान की गई थी। हालाँकि पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ समय से जारी हिंसा के बीच गृह मंत्रालय ने उनकी सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया था और मार्च 2021 में ही Z कैटेगरी की सुरक्षा दी गई थी।

शुक्रवार (11 जून) को ही मुकुल रॉय एक बार फिर भाजपा को छोड़कर टीएमसी में शामिल हुए। रॉय ने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी, उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में अपने बेटे शुभ्रांशु रॉय के साथ टीएमसी में वापसी की। सूत्रों के अनुसार उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी में लौटते ही केन्द्रीय गृह मंत्रालय को अपनी सुरक्षा हटाने के संबंध में चिट्ठी भेज दी।

हालाँकि पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर अभी भी हमले बंद नहीं हुए हैं। बंगाल के विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद शुरू हुई हिंसा अभी भी जारी है और कई भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ गंभीर मारपीट और हत्या तक की खबरें आ रही हैं। शुक्रवार (11 जून) को ही पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में भाजपा सांसद डॉ. जयन्त कुमार रॉय पर हमला हुआ। टीवी9 के अनुसार, जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज प्रखंड में डॉ. जयन्त पर हमला शाम 5 बजे हुआ। हमले में 2 लोगों के घायल होने की खबर आई। दोनों को अस्पताल में भर्ती किया गया। भाजपा सांसद रॉय ने टीएमसी पर हमला करने का आरोप लगाया।

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए जयन्त रॉय ने बताया, “करीब 5 बजे TMC के गुंडों ने मुझ पर हमला किया। उन्होंने मुझ पर बाँस और डंडे से हमला किया। मेरे हाथ में और सर में चोट लगी है। मेरे साथ अन्य कार्यकर्ताओं पर भी हमला हुआ है। पश्चिम बंगाल में कोई कानून-व्यवस्था नहीं बची है।”

हालाँकि ऐसा नहीं है कि मुकुल रॉय कभी सुरक्षित रहे थे। बीते साल दिसंबर में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमला किया था। इस घटना में बंगाल प्रभारी और भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल रॉय भी घायल हुए थे। इसके बाद मुकुल रॉय ने ही पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन की माँग करते हुए कहा था कि टीएमसी के कार्यकर्ता हिंसा और गुंडागर्दी पर उतारू हैं।

पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के खिलाफ जारी हिंसा के कारण कई कार्यकर्ता और समर्थक बंगाल छोड़कर असम के लिए पलायन कर रहे हैं। इन हमलों का आरोप टीएमसी पर लगाया जा रहा है और यह भी कहा जा रहा है कि टीएमसी के गुंडे लगातार लोगों के साथ लूटपाट भी कर रहे हैं और भाजपा का समर्थन करने वालों को प्रताड़ित कर रहे हैं।

Leave a Comment